सीयूएसबी के एम.फार्मा विद्यार्थियों ने किया एक्सआरएनए थेराप्यूटिक्स का शैक्षणिक भ्रमण, आधुनिक औषधि अनुसंधान की बारीकियों से हुए रूबरू
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 अक्टूबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के फार्मेसी विभाग की ओर से एम.फार्मा के विद्यार्थियों के लिए बोधगया स्थित एक्सआरएनए थेराप्यूटिक्स लिमिटेड का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह की ‘कैंपस फॉर कम्युनिटी’ की परिकल्पना के तहत आयोजित इस भ्रमण में औषधि निर्माण एवं औषधि विज्ञान विषयों के लगभग 50 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ औषधीय अनुसंधान और आधुनिक प्रयोगशाला कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
कंपनी के प्रबंध निदेशक ने विद्यार्थियों को दी अनुसंधान की जानकारी
एक्सआरएनए थेराप्यूटिक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विनय कुमार तिवारी ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कंपनी में संचालित अनुसंधान परियोजनाओं और उपलब्ध वैज्ञानिक सुविधाओं की जानकारी दी। इसके बाद आयोजित संवादात्मक सत्र में आधुनिक औषधि खोज और अनुसंधान में उपयोग की जाने वाली विभिन्न वैज्ञानिक पद्धतियों पर चर्चा की गई।
विनय कुमार तिवारी ने विशेष रूप से कंप्यूटेशनल इन सिलिको पद्धतियों के महत्व को समझाया। इन पद्धतियों के माध्यम से कंप्यूटर आधारित मॉडल और विश्लेषण का उपयोग कर औषधि अनुसंधान के विभिन्न चरणों में संभावित विकल्पों का अध्ययन किया जाता है। उन्होंने वैज्ञानिक अध्ययनों में पशु प्रतिरूपों के अनुप्रयोगों के बारे में भी जानकारी दी।
औषधि विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए अनुसंधान और नवाचार में व्यापक संभावनाएं
संवाद के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि औषधि विज्ञान के स्नातकों की भूमिका दवाओं के अनुसंधान, औषधि खोज और वैज्ञानिक नवाचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने वाले विद्यार्थी नई औषधियों के विकास और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सकते हैं।
सत्र में औषधि अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैज्ञानिक भागीदारी और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारतीय विशेषज्ञों के योगदान की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। इस संवाद से विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को अनुसंधान और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने का अवसर मिला।
प्रयोगशाला, गुणवत्ता नियंत्रण और भंडारण सुविधाओं का किया निरीक्षण
प्रारंभिक सत्र के बाद विद्यार्थियों को कंपनी की विभिन्न प्रयोगशाला सुविधाओं और अनुसंधान विभागों का निर्देशित भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने पशु गृह, गुणवत्ता नियंत्रण (क्यूसी) विभाग, भंडारण सुविधाओं और कच्चे माल के कक्ष का अवलोकन किया।
प्रयोगशाला भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों ने आधुनिक अनुसंधान अवसंरचना, प्रयोगशाला कार्यप्रणाली और औषधि अनुसंधान से जुड़ी व्यावहारिक प्रक्रियाओं को समझा। उन्हें यह जानने का अवसर मिला कि कक्षा में पढ़ी गई वैज्ञानिक अवधारणाओं का उपयोग औषधीय अनुसंधान, नई दवाओं की खोज और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किस प्रकार किया जाता है।
वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
भ्रमण के समापन पर स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र ने विद्यार्थियों को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने, वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और नवाचार की दिशा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। वैज्ञानिकों एवं कंपनी के कर्मचारियों के साथ संवाद ने विद्यार्थियों को अनुसंधान के नए अवसरों को समझने और स्वास्थ्य संबंधी उभरती चुनौतियों के समाधान में औषधि विज्ञान की भूमिका जानने में मदद की।
पूरे शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। इस पहल से उन्हें नियमित पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने तथा भविष्य में औषधि अनुसंधान और संबंधित क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
