मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म पर ‘जीरो टॉलरेंस’, अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

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आर्यावर्त वाणी | पटना | 30 अप्रैल 2026,

पटना: राज्य के प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित अधिवेशन भवन में सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षात्मक बैठक का शुभारंभ किया। इस दौरान राज्य की प्रमुख योजनाओं, विधि-व्यवस्था और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक समीक्षा की गई।

जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करें, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कानून का राज स्थापित हो।

जनता दरबार अनिवार्य, जवाबदेही तय

मुख्यमंत्री ने सभी डीएम और एसपी को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कार्यालय में बैठकर आम लोगों की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित समाधान करें। साथ ही ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष फोकस

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, ‘पुलिस दीदी’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शराबबंदी कानून के सख्त पालन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति खत्म की जाए। उन्होंने 1 जुलाई तक सभी जिला अस्पतालों और 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पतालों को बेहतर और सुसज्जित बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

शिक्षा में बड़े सुधार की तैयारी

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के तहत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित किए जाएं, जिन्हें नेतरहाट और सिमुलतला विद्यालय की तर्ज पर उत्कृष्ट बनाया जाए।

पंचायत स्तर तक समाधान का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को शिविर लगाकर 30 दिनों के भीतर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी ब्लॉक, अंचल और थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।

बिहार दर्शन’ योजना की घोषणा

राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को बिहार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के लिए ‘बिहार दर्शन’ योजना के तहत दो दिन का विशेष अवकाश देने की भी घोषणा की गई।

सभा में उपस्थित सभी जिलों के डीएम और एसपी

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