वट सावित्री पूजा के दौरान भौंरों का हमला, दर्जनों महिलाएं घायल
पूजा-अर्चना के बीच मचा हड़कंप

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आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 16 मई 2026,

जहानाबाद: जिले के हुलासगंज प्रखंड स्थित सलेमपुर गांव में वट सावित्री पूजा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक भौंरों के झुंड ने पूजा कर रही महिलाओं पर हमला कर दिया। इस घटना में दर्जनों महिलाएं घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

वट वृक्ष के पास पूजा कर रही थीं महिलाएं

जानकारी के अनुसार गांव के वट वृक्ष के समीप बड़ी संख्या में महिलाएं वट सावित्री पूजा कर रही थीं। पूजा-अर्चना के दौरान अचानक पेड़ पर बने छत्ते से भौंरों का झुंड निकल पड़ा और वहां मौजूद महिलाओं पर हमला कर दिया। भौंरों के डंक से बचने के लिए महिलाएं इधर-उधर भागने लगीं, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। कई महिलाएं जान बचाने के लिए जमीन पर लेट गईं तो कुछ इधर-उधर भागते हुए गिर पड़ीं।

कई महिलाएं बेहोश, अस्पताल में कराया गया भर्ती

भौंरों के हमले में कई महिलाओं के शरीर पर गंभीर डंक लगे, जिससे वे घायल हो गईं। कुछ महिलाएं दर्द और घबराहट के कारण बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घटना देख स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुलासगंज पहुंचाया गया। वहां सभी महिलाओं का प्राथमिक उपचार किया गया।

बताया जा रहा है कि कुछ महिलाओं की हालत अधिक खराब होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया गया। वहीं कई महिलाओं को सलाइन और दवाइयां देने के बाद राहत मिली, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

घंटों तक इलाके में मंडराते रहे भौंरे

ग्रामीणों के अनुसार वट वृक्ष पर लंबे समय से भौंरों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। एक ग्रामीण ने बताया कि पूजा के दौरान वट वृक्ष के नीचे हवन किया जा रहा था। हवन से उठे धुएं के कारण भौंरे उग्र हो गए और उन्होंने हमला कर दिया। घटना के कई घंटों बाद तक भौंरे शांत नहीं हुए थे, जिसके कारण लोग उस रास्ते से गुजरने से बचते रहे।

प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक पूजा स्थलों एवं पेड़ों पर बने खतरनाक छत्तों की नियमित जांच कर उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इसी वृक्ष के नीचे महिलाएं कर रही थी पूजा

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