सीखना व्यक्तिगत और सामाजिक प्रगति की कुंजी: कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 अक्टूबर 2026,
गयाजी। बुधवार को दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), क्षेत्रीय केंद्र पटना के सहयोग से बीएड कार्यशाला-I का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मितांजलि साहू ने उन्हें सम्मान-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया, जबकि विभाग के पूर्व डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. रवि कांत ने ओरिएंटेशन कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि सीखना व्यक्तिगत और सामाजिक प्रगति की कुंजी है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सशक्तिकरण, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास का आधार भी है। उन्होंने विद्यार्थियों में बौद्धिक जिज्ञासा, नैतिक मूल्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कक्षाओं और परीक्षाओं तक सीमित न रखकर सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण, समावेशिता और जीवनभर सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना चाहिए।
कुलपति ने अपने ‘ज्ञान शक्ति’ और ‘सरस्वती धाम’ के विचारों के माध्यम से ज्ञान की महत्ता समझाई। उन्होंने ज्ञान को सही निर्णय लेने और समाज में सार्थक योगदान देने की शक्ति बताया। साथ ही, पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों और आधुनिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति के बीच सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिकों के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रो. रवि कांत ने बीएड प्रशिक्षुओं को कार्यशाला का लाभ उठाकर अपने शिक्षण कौशल और व्यावसायिक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यशाला में संवादात्मक सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें प्रशिक्षुओं ने अपना परिचय दिया और अपने संस्थानों के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नृपेन्द्र वीर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ।
