कुड़वा बाजार में 50 फीट के रावण का दहन, हजाराे लोगों की उमड़ी भीड़; एंबुलेंस नहीं रहने पर उठे सवाल
आर्यावर्त वाणी | खिजरसराय/गयाजी | 20 अक्टूबर 2026,
गयाजी: जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत कुड़वा बाजार में मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए करीब 5 से 6 हजार श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। रावण दहन के दौरान पूरा कुड़वा बाजार उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंचे। वहीं, इतनी बड़ी भीड़ के बीच सरकारी अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम को प्रशासनिक अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
राम, लक्ष्मण और हनुमान की झांकी ने मोहा मन
रावण दहन कार्यक्रम से पहले भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक झांकी निकाली गई। झांकी ने पूरे कुड़वा बाजार का भ्रमण किया, जिसे देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही। इसके बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे कलाकारों ने तीर चलाकर 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया।
पुतले को पटाखों से सजाया गया था। दहन के दौरान पुतला धू-धू कर जल उठा और आकर्षक आतिशबाजी से पूरा इलाका रोशन हो गया। इस दृश्य को देखकर उपस्थित श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विजयादशमी के इस पारंपरिक आयोजन ने लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।
वर्ष 2007 से लगातार आयोजित हो रहा कार्यक्रम
कुड़वा बाजार में रावण दहन का आयोजन काली पूजा समिति और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से किया जाता है। आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2007 से यह कार्यक्रम लगातार आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ यह आयोजन स्थानीय क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल हो गया है।
आयोजन का उद्देश्य लोगों के बीच धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है। हर वर्ष आसपास के गांवों से लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचते हैं। इस बार भी करीब 5 से 6 हजार लोगों की मौजूदगी ने आयोजन की व्यापकता को दर्शाया।
एसडीएम, एसडीपीओ समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह, अंचल अधिकारी केशव किशोर और प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा गहलोत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा कुड़वा पंचायत के मुखिया राजबल्लम पासवान, उपप्रमुख पति मंटू यादव समेत कई जनप्रतिनिधि, काली पूजा समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन के द्वारा व्यापक तैनाती की गई थी। साथ ही, किसी संभावित आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन की व्यवस्था भी की गई थी। प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्यों के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
हजारों की भीड़, लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था पर उठे सवाल
रावण दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता का मुद्दा भी सामने आया। स्थानीय लोगों का कहना था कि जब किसी आयोजन में 5 से 6 हजार लोगों की भीड़ जुटने की संभावना हो, तो वहां एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लोगों के अनुसार, भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम में किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने, दुर्घटना होने या अन्य चिकित्सकीय आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल उपचार और अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध रहने से समय पर सहायता मिल सकती है।
स्थानीय लोगों ने इस बात पर सवाल उठाया कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद सरकारी अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अस्पताल का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। विभाग की प्रतिक्रिया मिलने पर इस पहलू को भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।
शांतिपूर्ण आयोजन के साथ सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा
कुड़वा बाजार में विजयादशमी का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रावण दहन के माध्यम से लोगों ने असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश ग्रहण किया। हालांकि, इस आयोजन ने यह सवाल भी सामने रखा कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में पुलिस सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था के साथ आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता भी कितनी आवश्यक है।
स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान भीड़ के अनुरूप एंबुलेंस और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि धार्मिक उत्सव के साथ लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।
