गयाजी में पितृपक्ष मेला-2026 का भव्य समापन, 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 अक्टूबर 2026
गयाजी: गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 का 16 दिवसीय आयोजन 10 अक्टूबर को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चले इस मेले में 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान एवं तर्पण किया। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने बेहतर व्यवस्थाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और प्रशासन के सेवाभाव की सराहना की। जिला प्रशासन ने इसे ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बताते हुए सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गयाजी जिलावासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि मेले की सफलता सामूहिक प्रयास, बेहतर समन्वय और समर्पित सेवाभाव का परिणाम है। इस वर्ष अमेरिका, रूस, फ्रांस, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों से 40 से अधिक विदेशी पिंडदानी भी गयाजी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने फल्गु नदी में पर्याप्त जल की उपलब्धता और गयाजी डैम को प्रमुख आकर्षण बताया।
श्रद्धालुओं को मिलीं बेहतर सुविधाएं
गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने निःशुल्क आवासन किया। वहीं, निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा से 10.70 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को आवागमन में सुविधा मिली। विष्णुपद मंदिर में व्यवस्थित कतार, नो-व्हीकल जोन, व्हीलचेयर सेवा, जूता-चप्पल स्टैंड और खोया-पाया केंद्र जैसी व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को राहत मिली। खोया-पाया केंद्र के माध्यम से करीब 1,334 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 1.56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ एवं गोताखोरों की तैनाती बढ़ाई गई। इसके साथ ही निर्बाध बिजली, सड़कों की मरम्मत, स्वच्छता अभियान, फॉगिंग और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच पर विशेष जोर दिया गया।
गंगाजल वितरण और AI तकनीक रहे खास आकर्षण
मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रद्धालुओं के बीच गंगाजल के पाउच वितरित किए गए। विष्णुपद मंदिर, देवघाट, सीताकुंड, टेंट सिटी और विभिन्न पिंडवेदी स्थलों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस बार भाषा संबंधी समस्याओं के समाधान और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए एआई तकनीक का भी उपयोग किया गया। बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षित पहचान और आवागमन में सहायता के लिए क्यूआर कोड आधारित रिस्टबैंड की व्यवस्था की गई।
जनप्रतिनिधियों ने की प्रशासन की सराहना
समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा और राज्यसभा सांसद भीम सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गयाजी-बोधगया के विकास, गया-बोधगया कॉरिडोर के निर्माण में तेजी और नदियों की सफाई पर जोर दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई। वहीं, प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आयोजन को आस्था, संस्कृति और सेवाभाव का प्रतीक बताया।
जिला प्रशासन के अनुसार, पितृपक्ष मेला-2026 का सफल एवं शांतिपूर्ण समापन प्रशासनिक समन्वय, जनसहभागिता और बेहतर प्रबंधन का उदाहरण है। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि इस वर्ष की व्यवस्थाएं आने वाले वर्षों में मेले के आयोजन को और बेहतर बनाने में मार्गदर्शक साबित होंगी।
