गयाजी में 12 साल के विक्की ने दिखाई अदम्य बहादुरी, आहर में डूब रही चार महिलाओं को बचाया; दो की मौत
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 अक्टूबर 2026
गयाजी: जिले के टनकुप्पा प्रखंड अंतर्गत श्रीरामपुर गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। आहर के गहरे पानी में डूबने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय बालक विक्की ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए चार महिलाओं की जान बचा ली। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, वहीं विक्की की बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है।
महिलाओं की चीख सुनकर आहर में कूदा विक्की
जानकारी के अनुसार, गांव की कुछ महिलाएं आहर के पास घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ू बनाने के लिए कासी घास काटने के उद्देश्य से एक महिला गहरे पानी में उतर गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए एक के बाद एक पांच अन्य महिलाएं भी पानी में उतर गईं। देखते ही देखते सभी छह महिलाएं डूबने लगीं और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इसी दौरान पास में मौजूद 12 वर्षीय विक्की ने महिलाओं की आवाज सुनी। वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। छह महिलाओं को पानी में डूबता देखकर उसने अपनी जान की परवाह किए बिना आहर में छलांग लगा दी। तैरना जानने वाले विक्की ने साहस दिखाते हुए एक-एक कर चार महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दो महिलाओं की नहीं बच सकी जान
घटना की जानकारी मिलने पर गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों की मदद से गहरे पानी में डूबी दोनों महिलाओं को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान पार्वती देवी (45 वर्ष) और रेखा देवी (25 वर्ष) के रूप में हुई है।
वहीं, विक्की ने जिन चार महिलाओं की जान बचाई, उनकी पहचान अनीता देवी, रंजू देवी, मीना देवी और उर्मिला देवी के रूप में हुई है। चारों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। दोनों मृत महिलाओं को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
गांव में मातम, विक्की की बहादुरी की चर्चा
इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। एक ओर दो महिलाओं की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, तो दूसरी ओर महज 12 साल की उम्र में विक्की ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उसकी सराहना हो रही है। जानकारी के अनुसार, मृत महिलाओं में से एक गांव में रहने वाली महिला पुलिसकर्मी की मां थीं।
