राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि सखियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 अक्टूबर 2026

गयाजी। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर में कृषि सखियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 5 से 9 अक्टूबर तक चलने वाले प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, प्राकृतिक कृषि आदानों के निर्माण एवं उपयोग तथा किसानों के बीच इसके प्रभावी प्रसार के लिए तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।

उद्घाटन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख ने कहा कि प्राकृतिक खेती को किसानों तक पहुंचाने में कृषि सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे किसानों से सीधे जुड़कर खेत स्तर पर प्राकृतिक खेती की तकनीकों और स्थानीय संसाधनों से कृषि आदान तैयार करने की जानकारी पहुंचा सकती हैं।

मृदा स्वास्थ्य से लेकर पशुपालन तक दी गई जानकारी

मृदा वैज्ञानिक डॉ. रश्मि प्रियदर्शी ने प्राकृतिक खेती में मृदा स्वास्थ्य एवं जैविक गतिविधियों के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम कर स्थानीय एवं जैविक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया।

उद्यान वैज्ञानिक डॉ. फरहाना खातून ने सब्जियों एवं उद्यानिकी फसलों में प्राकृतिक खेती की संभावनाओं तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की जानकारी दी। वहीं पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार रवि ने कृषि-पशुपालन के एकीकृत मॉडल और देशी पशुओं के गोबर एवं गोमूत्र से प्राकृतिक कृषि आदान तैयार करने की उपयोगिता बताई।

डॉ. मोनिका पटेल, गृह विज्ञान ने प्राकृतिक खेती से प्राप्त सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों, पोषण और खाद्य सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर

पांच दिवसीय प्रशिक्षण में कृषि सखियों को बीज उपचार, जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र सहित विभिन्न प्राकृतिक कृषि आदानों की तैयारी एवं उपयोग, मृदा स्वास्थ्य, फसल एवं उद्यानिकी प्रबंधन तथा किसानों के बीच प्राकृतिक खेती के प्रसार की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण के माध्यम से कृषि सखियों को गांवों में प्राकृतिक खेती की तकनीकों के प्रशिक्षक एवं प्रसारक के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की उत्पादन लागत कम करने और मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण को गति मिल सके।

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