विदेशी पिंडदानियों ने गयाजी की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जाना, व्यवस्थाओं की जमकर सराहना

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 अक्टूबर 2026

गयाजी। पितृपक्ष मेला-2026 में गयाजी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में रूस, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्राजील और यूक्रेन सहित विभिन्न देशों के 22 विदेशी पिंडदानियों ने गयाजी पहुंचकर अपने पितरों का पिंडदान एवं तर्पण किया। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और गयाजी में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना की।

विदेशी श्रद्धालुओं ने विष्णुपद मंदिर, प्रेतशिला एवं अक्षयवट सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पिंडदान एवं तर्पण किया। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के साथ सुरक्षा व्यवस्था की भी प्रशंसा की। श्रद्धालुओं ने कहा कि गयाजी आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।

‘गयाजी आना सुखद और यादगार अनुभव’

विदेशी पिंडदानियों ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों के व्यवहार और सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं की सहायता को भी उन्होंने सराहा।

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा, आध्यात्मिकता और अतिथि सत्कार को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। गयाजी में मिले अनुभव को वे अपने-अपने देशों में साझा करेंगे।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना

सहायक समाहर्ता नितेश गोयल ने कहा कि पितृपक्ष मेला करीब 15 दिनों तक चलने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि मेडिकल सुविधा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, स्वच्छता, सुरक्षा, खोया-पाया एवं श्रद्धालु सहायता सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। विभिन्न स्थानों पर तैनात पदाधिकारी एवं कर्मी लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

विदेशी श्रद्धालुओं को भेंट की गई कॉफी टेबल बुक

इस अवसर पर सहायक समाहर्ता नितेश गोयल ने विदेशी पिंडदानियों को गंगाजल एवं गया-बोधगया की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक भेंट की। विदेशी श्रद्धालुओं ने इसे गयाजी की संस्कृति एवं परंपरा की स्मृति के रूप में सराहा।

विदेशी पिंडदानियों ने कहा कि गयाजी की आध्यात्मिक शांति, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाएं इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य बनाती हैं। उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया से गयाजी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने का संदेश सामने आया।

पितृपक्ष मेला के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे गयाजी एवं बिहार की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिल रही है।

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