सीयूएसबी में विद्यार्थी जीवन और समाज की समन्वित भूमिका पर प्रेरणात्मक सत्र आयोजित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 30 सितंबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग एवं छात्र परामर्श एवं कल्याण केंद्र की ओर से पंच प्रण प्रकोष्ठ के सहयोग से ‘विद्यार्थी जीवन एवं समाज में इसकी समन्वित भूमिका’ विषय पर प्रेरणात्मक एवं ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन के व्यापक उद्देश्यों के साथ व्यक्तिगत विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी, विश्वविद्यालय के अधिकारी और सीयूएसबी समुदाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रेरक वक्ता ने विद्यार्थी जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रखे विचार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में मिशेल साइमन, प्रेरक वक्ता एवं मोटिवेटर, ब्रह्माकुमारीज वर्ल्ड स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में दीदी सुनीता, ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में मिशेल साइमन ने विद्यार्थी जीवन और समाज में उसकी समन्वित भूमिका के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। उन्होंने आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, आंतरिक शक्ति और मूल्य आधारित जीवन के महत्व पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त करने का समय नहीं है, बल्कि यह स्वयं को समझने, बौद्धिक क्षमताओं को विकसित करने और भविष्य में समाज में सार्थक भूमिका निभाने की तैयारी का महत्वपूर्ण चरण है।
क्षमताओं और संभावनाओं को पहचानने का आह्वान
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मिशेल साइमन ने अपनी क्षमताओं और संभावनाओं को पहचानने तथा बौद्धिक क्षमताओं का विवेकपूर्ण एवं रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों पर आधारित उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने तेजी से बदलती दुनिया के बीच विद्यार्थियों के व्यक्तिगत, शैक्षणिक और सामाजिक जीवन में संतुलन बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया।
जिम्मेदार नागरिक बनने की दी गई सीख
जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम के औपचारिक उद्घाटन के बाद स्वागत संबोधन में मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मंगलेश कुमार मंगलम ने विद्यार्थी जीवन को व्यक्तित्व निर्माण, जीवन-मूल्यों, भावनात्मक कल्याण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण चरण बताया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. प्रणव कुमार, प्रॉक्टर ने समरस एवं उत्तरदायी समाज के निर्माण में सामूहिक उत्तरदायित्व और सकारात्मक मानवीय मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में प्रो. पवन कुमार मिश्रा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर तथा प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, अध्यक्ष, छात्र परामर्श एवं कल्याण केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का मंच संचालन मनोविज्ञान विभाग की प्रो. चेतना जायसवाल ने किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. विकल कुमार सिंह, सहायक अधिष्ठाता, छात्र कल्याण एवं समन्वयक, पंच प्रण प्रकोष्ठ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
