सीयूएसबी में ‘सुमेधा’ पत्रिका के 9वें संस्करण का विमोचन, कुलपति ने कहा- रचनात्मकता से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ें युवा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 सितंबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) की वार्षिक पत्रिका ‘सुमेधा’ (CU-MEDHA) के 9वें संस्करण का विमोचन गुरुवार को कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने अपने कार्यालय में किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं अकादमिक अधिकारी तथा जनसंचार एवं मीडिया विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विमोचन समारोह में प्रॉक्टर प्रो. प्रणव कुमार, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. पवन कुमार मिश्रा, ‘सुमेधा’ के संपादक डॉ. सुजीत कुमार, सह प्राध्यापक एवं मीडिया विभाग के पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम, मीडिया लैब के तकनीकी सहायक एवं पत्रिका के मुख्य डिजाइनर मो. नूर इमाम अली तथा पीएचडी शोधार्थी एवं उप संपादक आनंद कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
‘सुमेधा’ विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति का रचनात्मक मंच
कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने पत्रिका की रचनात्मक प्रस्तुति और संपादकीय सामग्री की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘सुमेधा’ विद्यार्थियों को अपने विचार, भावनाओं और रचनात्मकता को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि लेख, कविताओं और अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी सोच एवं दृष्टिकोण को सामने रखते हैं। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम भी बनते हैं।
कुलपति ने कहा कि ‘सुमेधा’ का नवीन संस्करण ‘पंच प्रण’ के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को नई प्रेरणा देगा और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने पत्रिका के संपादकीय एवं डिजाइनिंग दल के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
‘पंच प्रण’ को बनाया गया केंद्रीय थीम
पत्रिका के संपादक डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि इस वर्ष ‘सुमेधा’ पत्रिका का केंद्रीय विषय ‘पंच प्रण’ रखा गया है। पत्रिका में विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ राष्ट्र, समाज, भारतीय मूल्यों और समकालीन विषयों के प्रति उनकी दृष्टि को प्रमुखता दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह पत्रिका पाठकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होगी। यह केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं को उनके सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास है।
विद्यार्थियों को लेखन और मीडिया का व्यावहारिक अनुभव
पत्रिका के संपादकीय सलाहकार प्रो. आतिश पराशर ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए ‘सुमेधा’ एक महत्वपूर्ण रचनात्मक मंच के रूप में कार्य कर रही है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को लेखन क्षमता, रचनात्मक प्रतिभा और डिजाइनिंग कौशल को विश्वविद्यालय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि पत्रिका के निर्माण की प्रक्रिया विद्यार्थियों को मीडिया से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं को समझने और उन्हें वास्तविक कार्यप्रणाली में लागू करने का अनुभव भी प्रदान करती है।
2016 से लगातार प्रकाशित हो रही ‘सुमेधा’
जनसंचार एवं मीडिया विभाग द्वारा वर्ष 2016 से ‘सुमेधा’ पत्रिका का निरंतर प्रकाशन किया जा रहा है। प्रत्येक संस्करण में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सामाजिक सरोकारों और समकालीन मुद्दों के प्रति उनकी समझ को सामने लाने का प्रयास किया जाता है।
पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि 9वें संस्करण के संपादकीय सलाहकार प्रो. आतिश पराशर, संपादक डॉ. सुजीत कुमार, कॉपी एडिटर आनंद कुमार तथा सब-एडिटर्स फैज़ल इजी, ऋषभ झा, पुरुषोत्तम कुमार एवं उत्कर्ष हैं। क्रिएटिव डायरेक्टर मो. नूर अली इमाम हैं, जबकि लेआउट डिजाइनिंग का कार्य वैभव कुमार ने किया है।
विमोचन के दौरान कुलपति के साथ पत्रिका की विषय-वस्तु, रचनात्मक प्रस्तुति और विद्यार्थियों की सहभागिता को लेकर भी चर्चा हुई।
