टीबी-मुक्त भारत का संदेश लेकर निकली सीयूएसबी की जागरूकता रैली, विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 सितंबर 2026

गयाजी: “टीबी-मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) के फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों ने तपेदिक (टीबी) के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। जागरूकता रैली का शुभारंभ सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया।

200 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

सीयूएसबी के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि रैली में 200 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने “हारेगा टीबी, जीतेगा भारत!” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को तपेदिक के प्रति जागरूक किया और टीबी-मुक्त भारत के अभियान में सक्रिय सहभागिता का संदेश दिया।

टेपा स्थित विद्यालय में दिया गया जागरूकता व्याख्यान

रैली का समापन हायर अपर सेकेंडरी स्कूल, टेपा, फतेहपुर में हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री सुमिता कुमारी ने सीयूएसबी के विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके बाद तपेदिक की पहचान, रोकथाम, निदान एवं उपचार को लेकर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया।

सीयूएसबी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अवनीश कुमार मृदुल ने विद्यार्थियों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच, निदान एवं चिकित्सकीय उपचार के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता टीबी-मुक्त भारत अभियान के नोडल ऑफिसर प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र ने की।

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नुक्कड़ नाटक के जरिए सामाजिक कलंक पर किया प्रहार

जागरूकता व्याख्यान के बाद सीयूएसबी के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक, नि-क्षय मित्र की भूमिका एवं उसके महत्व को प्रभावी तरीके से समझाया गया। नाटक के जरिए लोगों को टीबी के प्रमुख लक्षणों, बचाव, शीघ्र निदान और चिकित्सक द्वारा निर्धारित उपचार को पूरी अवधि तक जारी रखने के महत्व की जानकारी दी गई।

पर्चे बांटकर समय पर जांच कराने का दिया संदेश

रैली के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, विद्यालय के विद्यार्थियों एवं आम लोगों के बीच जानकारीपूर्ण पर्चे और जागरूकता सामग्री वितरित की गई। प्रतिभागियों ने लोगों से टीबी के लक्षणों के प्रति सजग रहने, आवश्यकता पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेने की अपील की।

जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बताया अहम

टीबी-मुक्त भारत अभियान के माध्यम से सीयूएसबी के फार्मेसी विभाग ने संदेश दिया कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, शीघ्र निदान, उचित एवं पूर्ण उपचार और सक्रिय सामुदायिक सहभागिता महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय ने टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी को आवश्यक बताया।

आयोजन समिति के सदस्यों का रहा सहयोग

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों प्रो. विवेक दवे, डॉ. गिरीश कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार एवं डॉ. बिभास चंद्र मोहंता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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