इस्कॉन गयाजी में भव्य और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, प्रशासन के सहयोग से लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 सितंबर 2026

गयाजी: भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य महोत्सव शुक्रवार को इस्कॉन गयाजी में उत्साह, भक्ति और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के साथ हरिनाम संकीर्तन, श्रीकृष्ण कथा, महाभिषेक एवं महाआरती में शामिल हुए।

इस्कॉन गयाजी के मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने महोत्सव के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, भक्तों, स्वयंसेवकों और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर डीएम, एसडीएम और एसएसपी ने लिया जायजा

मंदिर प्रशासन के अनुसार जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने रात्रि में इस्कॉन मंदिर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने कहा कि अधिकारियों के इस निरीक्षण से मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं में विश्वास बढ़ा तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट हुई।

पर्याप्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग से संभाली गई भीड़

मंदिर प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा मंदिर प्रशासन को सड़क पर आवश्यक बैरिकेडिंग की अनुमति भी दी गई। प्रशासन के सहयोग से मंदिर के स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की कतार और आवागमन को व्यवस्थित किया।

मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने कहा, “हम जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हैं। जन्माष्टमी जैसे विशाल आयोजन में प्रशासन का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अधिकारियों ने समय रहते स्थिति को समझा और आवश्यक सहयोग प्रदान किया।”

मंगल आरती से शुरू हुआ आध्यात्मिक कार्यक्रम

जन्माष्टमी के दिन सुबह 4:30 बजे मंगल आरती के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद मंत्र ध्यान, गुरु पूजा और श्रीकृष्ण कथा सहित विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे दिन मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन और भक्ति गीतों से गूंजता रहा।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था, स्वागत, प्रसाद और अन्य सेवाओं की व्यवस्था की गई थी। रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य महाभिषेक किया गया। इस दौरान पंचगव्य, पंचामृत, विभिन्न फलों के रस, तीर्थ जल, गुलाब जल और चंदन सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से भगवान का अभिषेक किया गया।

रात्रि 11:30 बजे भगवान श्रीकृष्ण को 108 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया गया।

पांच भव्य झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र

जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान दो झूला झांकियों और तीन मंदिर झांकियों सहित कुल पांच भव्य झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। विशेष रूप से वृंदावन वाले श्री राधारमण जी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया।

मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और रंगोली से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पूरे परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

स्वयंसेवकों ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

महोत्सव को व्यवस्थित बनाने में बड़ी संख्या में भक्तों और स्वयंसेवकों ने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। दर्शन एवं कतार प्रबंधन, प्रसाद वितरण, सुरक्षा सहयोग, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और स्वच्छता सहित अलग-अलग सेवाओं में स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।

अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने कहा कि भक्तों एवं स्वयंसेवकों की निस्वार्थ सेवा महोत्सव के सफल आयोजन की महत्वपूर्ण ताकत रही।

5 सितंबर को नंदोत्सव और श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस

जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर 2026 को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस भी इस्कॉन गयाजी में मनाया जाएगा। दोपहर 12 बजे पुष्पांजलि, भोग एवं आरती का आयोजन होगा।

इसके बाद शाम 4 बजे से 8 बजे तक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें हरिनाम संकीर्तन, सांस्कृतिक नृत्य, नाटक एवं श्रील प्रभुपाद की महिमा का गुणगान प्रमुख आकर्षण होंगे।

इस अवसर पर लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की गई है। मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने गया धामवासियों एवं श्रद्धालुओं से नंदोत्सव और श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस के कार्यक्रमों में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।

प्रशासन, श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों के प्रति जताया आभार

अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने जन्माष्टमी महोत्सव के सफल आयोजन के लिए जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने और सड़क पर बैरिकेडिंग की अनुमति दिए जाने से विशाल जनसमूह को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांतिपूर्ण दर्शन के लिए प्रशासन, स्वयंसेवकों और समाज के सामूहिक सहयोग से ही इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजन सफल हो सकते हैं।

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