गयाजी में भव्य होगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 26 अगस्त 2026

गयाजी: शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर इस्कॉन गयाजी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 4 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले जन्माष्टमी महोत्सव में मंदिर प्रशासन ने एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही और दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है।

इस्कॉन गयाजी के मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने बताया कि मंदिर परिसर में पंडाल निर्माण शुरू हो चुका है। भगवान के लिए विशेष पोशाक तैयार की जा रही है और गयाजी धामवासियों को महोत्सव में आमंत्रित करने के लिए भक्त एवं स्वयंसेवक घर-घर जाकर निमंत्रण दे रहे हैं।

भीड़ प्रबंधन के लिए सड़क से होगी बैरिकेडिंग

जन्माष्टमी पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन विशेष बैरिकेडिंग और दर्शन व्यवस्था तैयार कर रहा है। मंदिर प्रशासन ने जिला प्रशासन से सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण में सहयोग का अनुरोध किया है।

श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए सड़क से ही लंबी बैरिकेडिंग की योजना बनाई गई है। वहीं मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का तिलक एवं इत्र से स्वागत किया जाएगा।

पांच झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण

जन्माष्टमी महोत्सव में पांच विशेष झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें दो झूला झांकियां और तीन मंदिर झांकियां शामिल हैं। विशेष आकर्षण के रूप में वृंदावन वाले श्री राधारमण जी के दर्शन का अवसर भी श्रद्धालुओं को मिलेगा।

मंदिर परिसर को फूलों, आकर्षक रोशनी और रंगोली से सजाया जाएगा। पूरे दिन अखंड हरिनाम संकीर्तन, श्रीकृष्ण कथा और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा।

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आधी रात को होगा महाभिषेक और महाआरती

जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से होगी। इसके बाद 5:30 बजे मंत्र ध्यान, 7:30 बजे गुरु पूजा और सुबह 8 बजे श्रीकृष्ण कथा आयोजित होगी।

रात्रि 9 बजे से भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक शुरू होगा। पंचगव्य, पंचामृत, फलों के रस, तीर्थ जल, गुलाब जल और चंदन सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया जाएगा। रात 11:30 बजे 108 भोग अर्पित किए जाएंगे और मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया जाएगा।

5 सितंबर को नंदोत्सव और प्रभुपाद आविर्भाव दिवस

जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा। दोपहर 12 बजे पुष्पांजलि, भोग और आरती होगी।

शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें हरिनाम संकीर्तन, नृत्य, नाटक और श्रील प्रभुपाद की महिमा का गुणगान किया जाएगा। इस अवसर पर करीब 10 हजार लोगों के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी।

आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक

जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंदिर के अध्यक्ष जगदीश श्याम दास के नेतृत्व में बैठक भी हुई। इसमें आयोजन, सेवा, श्रद्धालु प्रबंधन, सुरक्षा और विभिन्न विभागों की तैयारियों पर चर्चा की गई।

बैठक में रामकांत मुरारी दास, सहिष्णु विप्र दास, रामनारायण दास, असीम हृषिकेश दास, श्यामल दास, समता कृष्ण दास, पतितपावनी गंगा देवी दासी, चैतन्य शिक्षा देवी दासी, अमरेश कुमार, विश्वजीत दास, राजीव कुमार, बलवंत कुमार, बिक्की, सौरभ, पवन एवं धार्मिक सहित अन्य सेवक मौजूद रहे।

प्रशासन और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

इस्कॉन गयाजी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से महोत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। साथ ही प्रशासन और स्वयंसेवकों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने तथा दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।

आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष जन्माष्टमी को गया जी के इतिहास की भव्य और सुव्यवस्थित जन्माष्टमी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, कथा, संकीर्तन और प्रसाद का आनंद ले सकें।

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