‘पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है, सही सूचना ही जनता तक पहुंचाएं’: आशुतोष भटनागर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 अगस्त 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के जनसंचार विभाग में आयोजित विशेष व्याख्यान में जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों, सूचना की प्रामाणिकता और खोजी पत्रकारिता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। पत्रकारों को किसी भी सूचना को जनता तक पहुंचाने से पहले उसका क्रॉस-चेक करना चाहिए और केवल सही एवं प्रमाणिक जानकारी ही लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
अपने संबोधन में श्री भटनागर ने पत्रकारिता के इतिहास और इसके मूल सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने करीब तीन दशक के पत्रकारिता अनुभव को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए ‘हिंदुस्तान समाचार’ समाचार एजेंसी की कार्यप्रणाली और इतिहास की भी जानकारी दी।
खबर की तह तक जाने की दी सीख
श्री भटनागर ने विद्यार्थियों को खबरों की तह तक जाने और तथ्यों की गहराई से पड़ताल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने खोजी पत्रकारिता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसके लिए गहन शोध, व्यापक अध्ययन और घटनाओं को देखने की पैनी नजर जरूरी है।
अखबार पढ़ने के तरीके पर चर्चा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी खबर को पढ़ते समय यह भी विचार करना चाहिए कि कोई खबर क्यों प्रकाशित हुई और जो खबर प्रकाशित नहीं हुई, उसके पीछे क्या कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के हर हिस्से में खबर मौजूद है, आवश्यकता सिर्फ उसे पहचानने और खोजने की दृष्टि विकसित करने की है।
सफल पत्रकारिता के लिए देश को समझना जरूरी
मुख्य वक्ता ने कहा कि यदि भारत में सफल पत्रकारिता करनी है तो पत्रकार को देश को गहराई से समझना होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है और पत्रकार का मूल दायित्व हमेशा सत्य के साथ खड़ा रहना है।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने आपातकाल और देश के कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा अनुच्छेद 370 से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की गंभीरता और विश्वसनीयता को बनाए रखना आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों की बड़ी जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. आतिश पराशर द्वारा मुख्य अतिथि आशुतोष भटनागर के स्वागत से हुई। प्रो. पराशर ने उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। स्वागत भाषण में उन्होंने मुख्य अतिथि का परिचय कराने के साथ व्याख्यान की विषय-वस्तु पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्य डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. अनिंद्या देब, डॉ. अनुज कुमार सिंह एवं डॉ. नेहा सूर्यवंशी सहित विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापिका डॉ. नेहा सूर्यवंशी ने किया।
व्याख्यान के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि से पत्रकारिता, सूचना की विश्वसनीयता और खोजी पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे।
