प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में गया कॉलेज के शिक्षक-कर्मचारी करेंगे सामूहिक प्रदर्शन

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 9 अगस्त 2026,

गयाजी: गया कॉलेज, गयाजी के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी 10 अगस्त 2026 को सामूहिक अवकाश (Mass CL) लेकर बिहार सरकार के प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 की विसंगतियों के विरोध में मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय, बोधगया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन कुलपति को सौंपेंगे।

चार कॉलेजों के शिक्षकों ने की आंदोलन की तैयारी

आंदोलन को सफल बनाने के लिए गया कॉलेज, जे.जे. कॉलेज, ए.एम. कॉलेज और जीबीएम कॉलेज, गयाजी के शिक्षक प्रतिनिधियों ने बैठक कर प्रस्तावित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की। बैठक में आंदोलन की रणनीति और नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

कॉलेजों की स्वायत्तता पर प्रहार का आरोप

गया कॉलेज शिक्षक संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित बिंदुओं और अन्य स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 में कई विसंगतियां हैं। शिक्षक संघ का आरोप है कि प्रस्तावित विधेयक में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करने वाले प्रावधान शामिल हैं।

सरकार पर अकादमिक और वित्तीय नियंत्रण बढ़ाने का आरोप

शिक्षक प्रतिनिधियों के अनुसार प्रस्तावित अधिनियम के माध्यम से अकादमिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय नियंत्रण सरकार अपने हाथों में लेना चाहती है। इसके अलावा अंगीभूत डिग्री महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अलग कर राज्य सरकार के अधीन लेने का प्रस्ताव भी शिक्षकों के बीच चिंता का विषय है। उनका कहना है कि इससे शिक्षकों के करियर और पठन-पाठन की व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों से पर्याप्त विमर्श नहीं किए जाने का दावा

शिक्षक प्रतिनिधियों ने दावा किया कि अधिनियम तैयार करने से पहले संभवतः संबंधित विशेषज्ञों से पर्याप्त विचार-विमर्श और सलाह नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में असंतोष है और इसी कारण पूरे बिहार में आंदोलन चल रहा है।

मगध विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत कॉलेजों की भागीदारी

बताया गया कि मगध विश्वविद्यालय से जुड़े सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं। 10 अगस्त को सभी कर्मचारी मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय, बोधगया पहुंचकर प्रस्तावित अधिनियम की विसंगतियों के विरोध में प्रदर्शन करेंगे और कुलपति को ज्ञापन सौंपेंगे।

5 अगस्त से काला रिबन लगाकर जारी है विरोध

शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 5 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है। इस दौरान कर्मचारी काला रिबन लगाकर अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं।

11 से 25 अगस्त तक 30 मिनट की नारेबाजी

आंदोलन के अगले चरण में 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर प्रत्येक कार्य दिवस में दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक 30 मिनट नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराएंगे।

शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद की तैयारी

आंदोलन के अगले चरण के तहत 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 को लेकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शिक्षक संगठनों का उद्देश्य प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों को लेकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को जानकारी देना है।

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