एसएसबी के पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का समापन, प्रतिभागियों को मिला स्वरोजगार का मंत्र
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 जुलाई 2026,
गयाजी: 29वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), गयाजी द्वारा मानव संसाधन विकास (एचआरडी) कार्यक्रम के तहत आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर में समापन हो गया। 27 से 31 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
उप महानिरीक्षक ने किया प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रक मुख्यालय (विशेष प्रचालन) एसएसबी, गयाजी के उप महानिरीक्षक श्री मानवेन्द्र एवं 29वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट श्री कुणाल उपस्थित रहे। उप महानिरीक्षक श्री मानवेन्द्र ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित करें और अन्य लोगों को भी प्रेरित करें।
कम लागत में बेहतर आय का साधन है मशरूम उत्पादन
कमांडेंट श्री कुणाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी मिलना संभव नहीं है। ऐसे में स्वरोजगार ही बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में शुरू किया जा सकता है और इससे ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए आय के नए अवसर उपलब्ध होते हैं।
वैज्ञानिक तकनीकों और विपणन की मिली जानकारी
प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, उत्पादन प्रबंधन, विपणन और व्यवसाय विकसित करने की विस्तृत जानकारी मिली। उनका कहना था कि यह प्रशिक्षण भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बेहद उपयोगी साबित होगा।
सफल प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के समापन पर सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रभारी ई. मनोज कुमार राय, उप कमांडेंट देवेन्द्र उपाध्याय, वैज्ञानिक (प्रसार शिक्षा) डॉ. अशोक कुमार, एसएसबी के अधिकारी, जवान तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
