सावन माह की तैयारियों को लेकर गया प्रशासन अलर्ट, प्रमुख शिव मंदिरों में तैनात होंगे दंडाधिकारी और पुलिस बल

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 जुलाई 2026,

गयाजी: आगामी सावन माह में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए गयाजी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को जिला पदाधिकारी, शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, सुशील कुमार ने समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में जिले के प्रमुख शिव मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा तथा आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

महत्वपूर्ण मंदिरों में तैनात होंगे दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी

वरीय पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सावन माह के दौरान जिले के सभी प्रमुख शिवालयों एवं महत्वपूर्ण मंदिरों में प्रशासनिक पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, जो अपने-अपने क्षेत्र में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होंगे।

कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय, आपात स्थिति से निपटने की रहेगी तैयारी

प्रशासन ने निर्देश दिया कि पूरे सावन माह के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

इन प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रहेगा प्रशासन का विशेष फोकस

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी दी। इनमें—

🔹सदर अनुमंडल: गुरपा पहाड़ी, कोटेश्वर नाथ धाम, बागेश्वरी मंदिर, संदेश्वर मंदिर एवं मार्कंडेय मंदिर।

🔹शेरघाटी अनुमंडल: बैजनाथ धाम एवं बांकेधाम मंदिर।

🔹टिकारी अनुमंडल: बुढ़वा महादेव, डीहा पहाड़, मां तारा मंदिर एवं केशपा मंदिर।

🔹नीमचक बथानी अनुमंडल: बराबर पहाड़।


शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन पर जोर

बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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