प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम की समीक्षा, 6,718 बच्चों का सर्वेक्षण व पंजीकरण पूरा; स्वास्थ्य एवं समग्र देखभाल पर डीएम का जोर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 जुलाई 2026,
गयाजी: जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, समाज कल्याण विभाग, यूनिसेफ एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सर्वेक्षण, बच्चों के पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, प्रशिक्षण तथा विभागीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
6,718 बच्चों का सर्वेक्षण एवं पंजीकरण पूर्ण
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित प्रज्ञा शक्ति पोर्टल पर अब तक 6,718 बच्चों का सर्वेक्षण एवं पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। शेष बच्चों का सर्वेक्षण एवं पंजीकरण कार्य भी तेजी से जारी है।
चिन्हित बच्चों के स्वास्थ्य और उपचार को दें प्राथमिकता
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रत्येक चिन्हित बच्चे की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति का समुचित आकलन किया जाए। आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उनके उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर स्वास्थ्य, पोषण, परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ना भी है।
10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों की होगी प्राथमिकता से जांच
डीएम ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के चिन्हित किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, मनोसामाजिक सहयोग तथा अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
पोर्टल पर नियमित अपडेट और बच्चों का वर्गीकरण
उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित बच्चों से जुड़े सभी मामलों में स्वास्थ्य एवं संरक्षण विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। प्रत्येक बच्चे की स्थिति, आवश्यकताओं और उपलब्ध कराई गई सेवाओं का विवरण प्रज्ञा शक्ति पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही बच्चों को अतिगंभीर, मध्यम एवं साधारण श्रेणियों में वर्गीकृत कर उनकी जरूरतों के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
यूनिसेफ की टीम लेगी अभिभावकों से फीडबैक
बैठक में बताया गया कि यूनिसेफ की टीम घर-घर जाकर चिन्हित बच्चों के अभिभावकों से फीडबैक प्राप्त करेगी और बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करेगी। इसके साथ ही यूनिसेफ द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
बेहतर समन्वय के लिए बनेगा कोर ग्रुप
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जिला पदाधिकारी ने कोर ग्रुप के गठन के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग संवेदनशीलता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक चिन्हित बच्चे तक आवश्यक स्वास्थ्य, संरक्षण, परामर्श एवं अन्य सेवाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने का निर्देश
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम के उद्देश्यों की समयबद्ध एवं प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रत्येक चिन्हित बच्चे के समग्र विकास और बेहतर भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
