निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार सख्त, फीस और यूनिफॉर्म को लेकर नए निर्देश जारी

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आर्यावर्त वाणी | पटना | 12 मई 2026,

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश के निजी विद्यालयों में मनमानी पर रोक लगाने तथा छात्रों एवं अभिभावकों के हितों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार ने निजी स्कूलों में फीस संरचना को पारदर्शी बनाने और अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक लगाने की दिशा में सख्त कदम उठाया है।

फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना होगा अनिवार्य

सरकार के नए निर्देशों के अनुसार अब सभी निजी विद्यालयों को अपनी फीस से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। स्कूल प्रबंधन मनमाने तरीके से फीस में वृद्धि नहीं कर सकेंगे और अभिभावकों से अनावश्यक शुल्क की वसूली पर रोक रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की होगी आजादी

नए निर्देशों के तहत छात्रों एवं अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म अपनी पसंद के किसी भी दुकान या विक्रेता से खरीदने की स्वतंत्रता दी गई है। अब स्कूल प्रबंधन किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। इस निर्णय को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से महंगे दामों पर किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने की शिकायतें मिल रही थीं।

फीस बकाया होने पर भी नहीं रोकी जाएगी परीक्षा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फीस बकाया होने की स्थिति में भी किसी छात्र को परीक्षा देने या उसका परिणाम जारी करने से वंचित नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।

आदेश उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई

सम्राट चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को स्कूलों की निगरानी और शिकायतों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया गया है।

शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी। सरकार का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को बेहतर एवं निष्पक्ष शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

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