बाराचट्टी में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं को अधिकार और सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 मई 2026,
गयाजी: बाराचट्टी प्रखंड के बेला गांव स्थित बीबीपेसरा पंचायत में मंगलवार को ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं जागरूकता को बढ़ावा देना था। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बातें रखीं।
महिला एवं बाल विकास निगम के प्रतिनिधियों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम के प्रतिनिधि जयवन्ती सिन्हा, विशाल कुमार वर्मा एवं पिंटू कुमार सहित महिला सुपरवाइजर पायल नैंसी और अन्य स्थानीय कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी पदाधिकारियों ने महिलाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना तथा समाधान के लिए आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन दिया।
सरकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा कानूनों की दी गई जानकारी
‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा कानूनों एवं सामाजिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण, बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण योजनाओं एवं शिकायत निवारण प्रणाली से जुड़ी जानकारियां शामिल थीं।
महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता संसाधनों की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत मदद प्राप्त कर सकें।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। उपस्थित महिलाओं को अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा संगठित होकर अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। अंत में सभी प्रतिभागियों को ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम को महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
