संत थॉमस स्कूल में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 350 मरीजों का हुआ इलाज
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 मई 2026,
गयाजी: खिजरसराय प्रखंड के सिसवर पंचायत स्थित संत थॉमस स्कूल परिसर में रविवार 10 मई 2026 को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह हेल्थ कैंप Dr Lal PathLabs और स्कूल प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी अपनी सेवाएं
स्वास्थ्य शिविर में गयाजी जिले के कई प्रसिद्ध चिकित्सकों ने भाग लेकर मरीजों का मुफ्त इलाज किया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ हारून रशीद, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ स्वरलता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ सुलक्षणा तथा मधुमेह एवं गंभीर रोग विशेषज्ञ डॉ ए रहमान मौजूद रहे। सभी चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया तथा मुफ्त दवाइयों का भी वितरण किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नीमचक बथानी, सुरेन्द्र कुमार सिंह एवं उपस्थित चिकित्सकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान एसडीपीओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर बेहद उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन उन लोगों के लिए वरदान हैं, जो आर्थिक या अन्य कारणों से शहर जाकर इलाज कराने में असमर्थ रहते हैं।
स्कूल प्रबंधन ने बताई शिविर की मंशा
स्कूल के प्राचार्य सीजो फ्रांसिस ने कहा कि शिविर आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और जनहितकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
वहीं स्कूल के डायरेक्टर जिजेश पी ने बताया कि समयाभाव और सीमित प्रचार-प्रसार के बावजूद शिविर में करीब 350 मरीजों का इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए आगे और बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से उन्हें काफी राहत मिली है। शिविर के दौरान स्वास्थ्य जांच, परामर्श और दवा वितरण की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
