बिहार में निगरानी की डबल एक्शन: मुंगेर और बेगूसराय में 3 लोग रिश्वत लेते गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | पटना / मुंगेर / बेगुसराय | 02 अप्रैल 2026,
पटना/मुंगेर/बेगूसराय: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने गुरुवार (02 अप्रैल 2026) को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की। मुंगेर और बेगूसराय में कुल तीन लोगों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
मुंगेर मामला: 1.70 लाख रुपये रिश्वत लेते पेशकार गिरफ्तार
निगरानी ब्यूरो की टीम ने प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, मुंगेर में तैनात विधि शाखा के प्रशाखा पदाधिकारी (पेशकार) मुकेश कुमार को 1 लाख 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
शिकायत बेगूसराय निवासी नंदकिशोर प्रसाद सुमन द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि अपील मामले में उनके पक्ष में निर्णय दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को कार्यालय परिसर से ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
बेगूसराय मामला: आपूर्ति पदाधिकारी और दलाल 12 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
दूसरे मामले में निगरानी ब्यूरो ने बेगूसराय जिले के मंसुरचक प्रखंड में कार्रवाई करते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार और डीलर-सह-दलाल विद्या सागर को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दोनों को ग्राम लबटोल स्थित सड़क किनारे से पकड़ा गया। परिवादी पप्पू पासवान ने शिकायत की थी कि जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अनाज बिक्री के कमीशन और लाइसेंस नवीकरण के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी।
सत्यापन के बाद ट्रैप, DSP के नेतृत्व में कार्रवाई
दोनों मामलों में निगरानी ब्यूरो ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद अलग-अलग कांड दर्ज कर धावा दल का गठन किया गया।
मुंगेर केस में DSP पवन कुमार और बेगूसराय केस में DSP रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आगे की कार्रवाई: विशेष न्यायालय में पेशी
गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय, भागलपुर में पेश किया जाएगा। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।
