कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम, 300 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 25 मार्च 2026,
गयाजी। एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड, नई दिल्ली और कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर (गयाजी) के संयुक्त तत्वावधान में कीटनाशकों के सुरक्षित एवं न्यायसंगत उपयोग विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 300 से अधिक किसानों ने भाग लेकर सुरक्षित खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान इंजीनियर मनोज कुमार राय ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के सही चयन, अनुशंसित मात्रा और सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी देना है, ताकि फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
किसानों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कृषि वैज्ञानिक (प्रसार शिक्षा) डॉ. अशोक कुमार ने किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित और न्यायसंगत उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए नीम आधारित कीटनाशकों, फेरोमोन ट्रैप और प्रकाश प्रपंच के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से हो सकता है नुकसान
मृदा विज्ञान की वैज्ञानिक डॉ. रश्मि प्रियदर्शी ने बताया कि कीटनाशकों का अत्यधिक या गलत उपयोग फसल, मिट्टी और जल स्रोतों के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि केवल आवश्यकतानुसार और अनुशंसित मात्रा में ही कीटनाशकों का प्रयोग करें तथा छिड़काव के समय मास्क, दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अवश्य करें।
समेकित कीट प्रबंधन पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र, आमस के इंजीनियर विमलेश कुमार पांडे ने समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रासायनिक उपायों के साथ-साथ जैविक और सांस्कृतिक तरीकों को अपनाकर भी कीट नियंत्रण किया जा सकता है।
खाली डिब्बों के सुरक्षित निपटान की सलाह
एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड, नई दिल्ली के पदाधिकारी शुभम कुमार ने किसानों को खाली कीटनाशक डिब्बों के सुरक्षित निपटान की जानकारी दी और उन्हें दोबारा उपयोग नहीं करने की सलाह दी।
प्रश्नोत्तर सत्र में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर और आमस के वैज्ञानिकों तथा कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही। अंत में इंजीनियर विमलेश कुमार पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

