खिजरसराय में धान अधिप्राप्ति को लेकर पैक्स अध्यक्षों की चेतावनी, सात मांगें पूरी नहीं हुईं तो खरीद का करेंगे बहिष्कार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 अक्टूबर 2026,
गयाजी। बिहार में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान धान अधिप्राप्ति कार्य शुरू होने से पहले ही पैक्स अध्यक्षों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। नीमचक बथानी अनुमंडल के खिजरसराय स्थित व्यापार मंडल कार्यालय में 29 अक्टूबर 2026 को पैक्स संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पैक्स अध्यक्षों ने धान खरीद के दौरान होने वाली आर्थिक और व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए सरकार एवं संबंधित विभाग के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखीं।
बैठक में पैक्स संघ के अध्यक्ष श्यामदेव प्रसाद और चंद्रमणि प्रसाद की उपस्थिति में विभिन्न पैक्स अध्यक्षों ने धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता जताई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पैक्स अध्यक्ष वर्ष 2026-27 में धान अधिप्राप्ति कार्य नहीं करेंगे।
पैक्स अध्यक्षों की सात प्रमुख मांगें
पैक्स अध्यक्षों ने मांग की कि जिले में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य कुल उपज के कम से कम 65 प्रतिशत के अनुरूप निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने का पर्याप्त अवसर मिल सके। इसके साथ ही धान खरीद के लिए पैक्स को मिलने वाली कैश क्रेडिट (सीसी) राशि ब्याजमुक्त उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किसानों के पंजीकरण और धान अधिप्राप्ति के लिए पिछले वर्ष की तरह ऑनलाइन व्यवस्था लागू रखने, परिवहन एवं हैंडलिंग दर को दोगुना करने और मिलिंग शुल्क बढ़ाकर 100 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा, पैक्स अध्यक्षों ने एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) से संबंधित व्यवस्था समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इससे चावल जमा करने के दौरान पैक्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि, इस नुकसान की बताई गई राशि की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
पैक्स अध्यक्षों ने यह भी मांग की कि राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) में चावल जमा करने के बाद अधिकतम 100 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पैक्स की पूंजी लंबे समय तक फंसी न रहे और धान खरीद का काम सुचारु रूप से चलता रहे।
मांगें पूरी नहीं होने पर धान खरीद नहीं करने का निर्णय
बैठक में उपस्थित पैक्स अध्यक्षों ने स्पष्ट किया कि धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं का समाधान जरूरी है। उनका कहना है कि पर्याप्त वित्तीय सहायता, उचित परिवहन एवं मिलिंग शुल्क और समय पर भुगतान के बिना खरीद प्रक्रिया संचालित करना कठिन होगा।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अनुमंडल पदाधिकारी, नीमचक बथानी, खिजरसराय के माध्यम से सरकार एवं संबंधित विभाग से मांगों पर विचार करने का अनुरोध किया गया। पैक्स अध्यक्षों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में वे खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान अधिप्राप्ति कार्य से दूर रहेंगे।
अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग पैक्स अध्यक्षों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं और इसका आगामी धान खरीद प्रक्रिया तथा किसानों पर क्या असर पड़ता है।
