एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट की अहम भूमिका: प्रो. आनंद कुमार त्यागी

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 जून 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) एवं लद्दाख विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम” सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम यूजीसी की एमएमटीपीपी योजना, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आयोजित किया गया।

16 राज्यों के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

सीयूएसबी के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह तथा लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति साकेत कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 16 राज्यों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। वहीं 12 राज्यों के विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने अनुभव और विचार साझा कर प्रतिभागियों को नई जानकारियों से अवगत कराया।

एनईपी-2020 विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई एक दूरदर्शी नीति है। उन्होंने कहा कि यह नीति “आत्मनिर्भर भारत” और “विकसित भारत @2047” के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिक्षकों के विकास में एमएमटीटीसी की भूमिका महत्वपूर्ण

लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा ने एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत प्रतिबद्धता और प्रशासनिक तैयारियों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों के पेशेवर विकास (प्रोफेशनल डेवलपमेंट) में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

एआई के उपयोग से शिक्षा और शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी

समापन सत्र के मुख्य अतिथि आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने में शिक्षकों का सतत प्रशिक्षण और कौशल विकास महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और शोध की गुणवत्ता में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सकारात्मक उपयोग पर विशेष जोर दिया तथा तकनीक को शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने की आवश्यकता बताई।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम के दौरान सीयूएसबी के शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता रवि कांत ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। एमएमटीटीसी के निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक तरुण कुमार त्यागी ने आठ दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का संचालन और समापन वंदे मातरम् के साथ किया गया। अंत में यांचन डोलमा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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