मंदिर में मां के साथ दीप जलाकर लौट रही छह वर्षीय बच्ची को कार ने कुचला, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 अक्टूबर 2026
गयाजी: शुक्रवार की शाम करीब छह बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। मां के साथ मंदिर में दीप जलाने गई करीब छह वर्षीय मासूम कीर्ति कुमारी को क्या पता था कि लौटते समय सड़क पार करने का वह पल उसकी जिंदगी का आखिरी पल बन जाएगा। जिस बच्ची को मां अपने साथ लेकर मंदिर गई थी, उसी बच्ची को कुछ देर बाद अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना खिदरपुरा स्थित बड़की पइन हनुमान मंदिर के पास की है। मृत बच्ची की पहचान मुन्ना यादव की पुत्री कीर्ति कुमारी के रूप में हुई है। वह आंगनबाड़ी में पढ़ती थी।
सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम कीर्ति अपनी मां के साथ सड़क के दूसरी ओर स्थित हनुमान मंदिर में दीप जलाने गई थी। पूजा के बाद मां-बेटी वापस लौट रही थीं। इसी दौरान सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार कार ने बच्ची को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मासूम सड़क पर गिरकर लुढ़क गई।
आरोप है कि कार चालक बच्ची को कुचलते हुए मौके से फरार हो गया। हादसे में बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
छह साल की बच्ची की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होते हैं, जिस उम्र में वे अपने भविष्य के सपने देखना शुरू करते हैं, उस उम्र में कीर्ति की जिंदगी एक सड़क हादसे ने छीन ली।
इस घटना ने न केवल उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया। गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल के पास सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने वरीय पदाधिकारी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि इस स्थान पर वाहनों की तेज रफ्तार के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में केवल समझाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
मुआवजा और स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग
ग्रामीणों ने मृत बच्ची के परिजनों को मुआवजा देने के साथ ही घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि यह स्थान हादसों की आशंका वाला क्षेत्र है और यहां से गुजरने वाले वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।
ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाया जाए, ताकि वाहन चालक रफ्तार कम करके गुजरें और भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

बीडीओ के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ सड़क जाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए मानपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी मांगों को हरसंभव पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और आवागमन बहाल हुआ।
हालांकि, ग्रामीणों की मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह प्रशासनिक पहल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर का निर्माण और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराना अब प्रशासन के समक्ष अहम सवाल हैं।
एक हादसा, कई सवाल
कीर्ति कुमारी की मौत केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि किसी सड़क पर लोगों को पार करने में खतरा महसूस होता है और वहां बार-बार हादसों की आशंका बनी रहती है, तो समय रहते सुरक्षा के उचित उपाय करना जरूरी है।
स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग घटनास्थल का निरीक्षण कराकर नियमानुसार स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे। साथ ही, दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन और चालक की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आर्यावर्त वाणी की अपील: सड़क पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, खासकर मंदिरों, आबादी वाले क्षेत्रों और उन स्थानों पर जहां बच्चे व बुजुर्ग सड़क पार करते हैं। वाहन चालकों की थोड़ी-सी सावधानी किसी परिवार को जीवन भर के दुख से बचा सकती है।

