14 वर्षीय किशोरी की सकुशल बरामदगी में उत्कृष्ट कार्य के लिए महिला पु.अ.नि. को आईजी ने किया सम्मानित
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 02 जुलाई 2026,
जहानाबाद: जिला पुलिस ने अपहरण के एक संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 वर्षीय अपहृत नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। इस दौरान पुलिस ने कथित अपहरणकर्ता को भी हिरासत में लिया। मामले के सफल अनुसंधान और संवेदनशील पुलिसिंग के लिए पुलिस अवर निरीक्षक (पु.अ.नि.) अनामिका कुमारी को मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव द्वारा नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।
नींबू खरीदने गई थी किशोरी, फिर हो गई लापता
पुलिस के अनुसार, नगर थाना कांड संख्या-324/26 दिनांक 7 अप्रैल 2026 को धारा 98 एवं 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किया गया था। मामला शकुराबाद थाना क्षेत्र के बंधुविगहा गांव की रहने वाली एक महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
शिकायतकर्ता मां ने अपने आवेदन में बताया था कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री 6 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे बाजार से नींबू खरीदने गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। आवेदन में महिला ने आशंका जताई थी कि होटल में काम करने वाले एक युवक ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से उसका अपहरण कर लिया है।
तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुसंधान की जिम्मेदारी पु.अ.नि. अनामिका कुमारी को सौंपी गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय सूचना तंत्र और लगातार की गई छापेमारी के आधार पर पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कथित अपहरणकर्ता को भी अपने कब्जे में ले लिया।
महिला पुलिस पदाधिकारी को मिला सम्मान
मामले के सफल अनुसंधान, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशील कार्यशैली को देखते हुए मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने पु.अ.नि. अनामिका कुमारी को 1,000 रुपये की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। पुलिस विभाग ने इसे उत्कृष्ट पुलिसिंग और समर्पित सेवा का उदाहरण बताया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रतिबद्ध
मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के त्वरित अनुसंधान, पीड़ितों की सुरक्षा तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी और विधिसम्मत कार्रवाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे मामलों में आगे भी तेजी और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।
