जननी पोर्टल से स्वास्थ्य सेवाओं की होगी रियल टाइम निगरानी, गयाजी में शुरू हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 जून 2026,
गयाजी। प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से गयाजी जिले में जननी पोर्टल पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। बोधगया के एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यशाला में राज्य के सभी जिलों से एसीएमओ, क्षेत्रीय एवं जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सहित कई जिलों के सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी शामिल हुए।
यूनिसेफ एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अरविंद कुमार, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सरिता, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की नीलम सिंह, जयश्री दास, मोहम्मद कामिल, डॉ. आदित्य कुमार, डॉ. विजय प्रकाश राय, यूनिसेफ बिहार की सीएफओ मोनिका नीलसन, हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. अजय टकरू तथा डॉ. एस. रेड्डी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान विभिन्न जिलों के अस्पतालों और आरोग्य दिवस से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत होगी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूनिसेफ बिहार की सीएफओ मोनिका नीलसन ने कहा कि जननी पोर्टल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से अस्पतालों की स्थिति, चिकित्सकों की तैनाती, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, प्रसव की स्थिति, नवजात शिशुओं की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग संभव होगी।
हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. अजय टकरू ने कहा कि डिजिटल प्रणाली के जरिए गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को जननी पोर्टल के विभिन्न फीचर्स और संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों को डेटा एंट्री, रिपोर्ट तैयार करने, लाभार्थियों की निगरानी करने तथा स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधि मोहम्मद
कामिल ने कहा कि पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली प्रत्येक जानकारी सटीक और अद्यतन होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लाभार्थियों का विवरण समय पर अपलोड किया जाए, ताकि योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रभावी ढंग से किया जा सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बढ़ावा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जननी पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का वास्तविक समय में आकलन किया जा सकेगा। इससे लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी बेहतर होगी और किसी भी कमी या समस्या पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
तकनीक आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम में कहा गया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़कर आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। जननी पोर्टल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगा।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा पोर्टल के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जननी पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
