गयाजी में 19 मई से ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत, पंचायत स्तर पर 30 दिनों में होगा आवेदनों का निष्पादन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 02 मई 2026,
गयाजी: बिहार सरकार के निर्देशानुसार पंचायत स्तर पर प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को “सहयोग शिविर” आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में गयाजी जिले में पहला शिविर 19 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक तैयारी और जिम्मेदारियां
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने सभी प्रखंडों में व्यापक तैयारियों के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक पंचायत में दो पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी एवं कर्मियों की तैनाती की गई है, जो आम जनता से आवेदन प्राप्त करेंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आवेदन प्राप्ति के दिन ही उसका डिजिटलीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए।
डिजिटल प्रक्रिया और मॉनिटरिंग सिस्टम
प्राप्त आवेदनों को डिजिटाइज करने के बाद जिला स्तरीय आवेदन प्रबंधन कोषांग को भेजा जाएगा। यह कोषांग प्रतिदिन आवेदनों का संकलन कर संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करेगा।
इसी व्यवस्था के माध्यम से सभी आवेदनों के निष्पादन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
30 दिनों में समाधान का लक्ष्य
जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी और अन्य वरीय अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन पंचायतों में लगेगा शिविर
19 मई को जिले के विभिन्न प्रखंडों की पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित होंगे, जिनमें प्रमुख रूप से—
मानपुर (लखनपुर, भोरे), नगर प्रखंड (चाकंद, बारा), डोभी (बारी), मोहरा (जेठियन), इमामगंज (बीकोपुर), बोधगया (अतिया, इलरा), कोच (काबर), बाराचट्टी (बिंदा), बेलागंज (बेलागंज), मोहनपुर (एरकी), अतरी (सहोरा), आमस (आमस), बांकेबाजार (लुटुआ), टेकेरी (चैता), गुरुआ (वर्मा), नीमचक बथानी (बथानी), वजीरगंज (पुरा), शेरघाटी (चेरकी), टिकारी (भोरी), खिजरसराय (बिहटा), डुमरिया (काचर), गुरारू (घटेरा), फतेहपुर (मतासो), परैया (सोलरा) एवं टनकुप्पा (डिबर) पंचायत शामिल हैं।
पंचायत भवन पर उपलब्ध रहेंगे अधिकारी
इन सभी पंचायतों के पंचायत सरकार भवन या पंचायत भवन में पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन मौजूद रहेंगे। आम नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन किसी भी दिन जमा कर सकते हैं, जिनका समाधान 19 मई तक सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
“सहयोग शिविर” पहल के माध्यम से गयाजी जिला प्रशासन ग्रामीण स्तर पर जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ सीधे पंचायत स्तर पर मिल सकेगा।
