गया कॉलेज में ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व’ कार्यक्रम, छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 सितंबर 2026
गयाजी: विकसित भारत अभियान के अंतर्गत 100 सप्ताह के नशा मुक्त युवा अभियान के तहत गया कॉलेज, गया में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुंशी प्रेमचंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार रखकर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
नशे से बाहर निकलने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रेड क्रॉस सोसाइटी, गयाजी के डॉ. प्रदीप कुमार अग्रवाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि हॉस्टल जीवन के दौरान उन्हें भी नशे की लत लग गई थी, लेकिन समय रहते दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन्होंने नशे से छुटकारा पाया और जीवन को सही दिशा दी।
उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत का शिकार हो गया है तो उसे निराश होने के बजाय उससे बाहर निकलने का प्रयास करना चाहिए। जो लोग नशे की गिरफ्त से बाहर आ चुके हैं, उन्हें दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
शारीरिक के साथ मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर भी असर
मुख्य अतिथि जयप्रकाश अस्पताल के डॉ. एम. ई. हक ने नशे के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए जागरूकता, परिवार के सहयोग, उचित परामर्श और सामूहिक प्रयास को आवश्यक बताया।
‘सफलता का नशा हो, नशे की लत नहीं’
गया कॉलेज के बर्सर डॉ. मार्कंडेय पांडे ने कहा कि युवाओं में आगे बढ़ने और सफल होने का जुनून होना चाहिए, लेकिन ऐसा नशा नहीं जो उनके जीवन और भविष्य के लिए नुकसानदायक बन जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित कर समाज और देश को आगे बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया।
प्राचार्य ने सामूहिक प्रयास पर दिया जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सतीश सिंह चंद्र ने की। उन्होंने NSS स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम से जुड़े सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशा मुक्ति केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए पूरे समाज को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के लोगों के साथ मिलकर नशा मुक्ति और जनजागरूकता के अभियानों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
छात्रों को दिए गए प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान गया कॉलेज के विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को प्रभावी बनाया। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन NSS के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं नशा मुक्ति अभियान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार, डॉ. रामदेव कुमार, महाविद्यालय के शिक्षकगण, NSS स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन युवाओं को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने तथा नशामुक्त समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।
