खिजरसराय के हर्ष हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी को लेकर विवाद, अग्निशमन विभाग ने नोटिस जारी किया, संचालक ने दी सफाई

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 जून 2026,

गयाजी: खिजरसराय क्षेत्र के धूरा स्थित हर्ष हॉस्पिटल में गुरुवार को अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी तेजन राम द्वारा फायर सेफ्टी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग ने अस्पताल में फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन को लेकर कुछ आपत्तियां दर्ज करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।

तीन दिनों में अनुपालन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी

अग्निशमन विभाग की ओर से अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर फायर सेफ्टी से संबंधित आवश्यक बिंदुओं का अनुपालन तीन दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार अस्पताल को सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग ने एनओसी को लेकर जताई आपत्ति

निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़े दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। अग्निशमन विभाग की ओर से फायर सेफ्टी एनओसी एवं अन्य सुरक्षा प्रावधानों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन को स्पष्टीकरण देने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

हॉस्पिटल संचालक ने किया विभाग के दावों का खंडन

वहीं, हर्ष हॉस्पिटल के संचालक सौरभ कुमार ने अग्निशमन विभाग की आपत्तियों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अग्नि अंकेक्षण (फायर ऑडिट) के लिए 11 अप्रैल 2026 को ही आवेदन दिया था। उनके अनुसार 17 अप्रैल 2026 को अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी द्वारा अस्पताल का अग्नि अंकेक्षण किया गया था।

संचालक ने दावा किया कि उक्त अंकेक्षण के आधार पर विभाग द्वारा अग्नि अंकेक्षण प्रमाण-पत्र (फायर ऑडिट सर्टिफिकेट) जारी किया गया था, जिसकी वैधता 16 अप्रैल 2027 तक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के पास वैध प्रमाण-पत्र उपलब्ध है और संबंधित दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।

मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार

अस्पताल प्रबंधन और अग्निशमन विभाग के दावों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अंतिम स्थिति क्या सामने आती है। यदि अस्पताल द्वारा प्रस्तुत प्रमाण-पत्र और दस्तावेज वैध पाए जाते हैं तो विभाग आगे आवश्यक निर्णय लेगा, वहीं किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

अग्निशमन विभाग का कहना है कि अस्पतालों सहित सभी सार्वजनिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

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