सीयूएसबी में उत्कल दिवस ‘उत्कलिका 2026’ का आयोजन, ओडिशा की संस्कृति की दिखी झलक

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 अप्रैल 2026,

गयाजी: गुरुवार को दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में उड़ीसा राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर ‘उत्कलिका 2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

एनईपी 2020 के अनुरूप आयोजन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन National Education Policy 2020 (एनईपी 2020) की अवधारणा को साकार करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विविध संस्कृति हमारी साझा विरासत है और ऐसे आयोजन छात्रों में सांस्कृतिक समझ को बढ़ाते हैं।

ओडिशा की संस्कृति से समृद्ध हुआ परिसर

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में देश के विभिन्न राज्यों के छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं, जिससे परिसर में विविधता और समावेशिता का माहौल बनता है। ओडिशा के छात्र अपने साथ वहां की संस्कृति भी लेकर आए हैं, जो पूरे परिसर को समृद्ध बनाती है।

शैक्षणिक और सांस्कृतिक संतुलन पर जोर

कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा ने स्वागत भाषण में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों में रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना भी है। उन्होंने मातृभाषा आधारित शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम पर भी जोर दिया।

प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान कुलपति, कुलसचिव एवं अन्य अधिकारियों ने ओडिशा की संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद छात्रों ने ओडिसी नृत्य, संबलपुरी लोक नृत्य, शास्त्रीय एवं आधुनिक नृत्य सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

ऐतिहासिक महत्व पर भी चर्चा

स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के डीन प्रो. सुब्रत कुमार भट्टामिश्रा ने 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा राज्य के गठन के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार

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