सीयूएसबी की लीगल एड क्लिनिक ने तीन सरकारी स्कूलों में चलाया ‘सुरक्षित बचपन’ अभियान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 नवम्बर 2026,
गयाजी। बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) की लीगल एड क्लिनिक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गयाजी के सहयोग से तीन सरकारी स्कूलों में ‘सुरक्षित बचपन’ जागरूकता अभियान चलाया। नेपा, टेपा और धर्मशाला स्थित सरकारी स्कूलों में आयोजित इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
गुड टच-बैड टच और अंडरवियर रूल की दी जानकारी
कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन और स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के डीन एवं प्रमुख प्रो. अशोक कुमार के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का नेतृत्व लीगल एड क्लिनिक के समन्वयक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने किया।
क्लिनिक के छात्र सदस्यों ने द्विभाषी शैक्षिक सामग्री के माध्यम से बच्चों को गुड टच-बैड टच, असहज करने वाले व्यवहार की पहचान और ‘अंडरवियर रूल’ के बारे में सरल भाषा में समझाया। बच्चों को बताया गया कि अंडरगारमेंट्स से ढके शरीर के हिस्से निजी होते हैं और किसी को भी उनकी अनुमति के बिना उन्हें छूने का अधिकार नहीं है।
बच्चों को सिखाए सुरक्षा के तीन जरूरी कदम
जागरूकता सत्र में बच्चों को समझाया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज तरीके से छूता है तो वे स्पष्ट रूप से ‘नहीं’ कहें, उस व्यक्ति से दूर हटें और तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य भरोसेमंद वयस्क को इसकी जानकारी दें।
इसके साथ ही छात्र सदस्यों ने पॉक्सो एक्ट की धारा 19 और 21 के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग के प्रावधानों की जानकारी दी। स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को बताया गया कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की जानकारी या संदेह होने पर संबंधित पुलिस इकाई या सक्षम अधिकारियों को सूचना देना कानूनी जिम्मेदारी है। बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 के बारे में भी बताया गया।
शिक्षकों और छात्र स्वयंसेवकों ने निभाई सक्रिय भूमिका
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि तीनों स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के सहयोग से अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अभियान के संचालन में लीगल एड क्लिनिक की टीम के मेंटर रिफत, तनीषा और पुष्पित, कोऑर्डिनेटर छवि और अनुज तथा विनेदिता, अहमद, बाबुल, ऋतुपर्णा, आर्या और हिमांशु ने प्रमुख भूमिका निभाई। इसके अलावा छात्र स्वयंसेवकों सागर, आयुषी गुप्ता, अनन्या, मोहम्मद बासित, आयुष वत्स, बासित, पुष्पेंद्र सिंह, ऋतुपर्णा सिंह, काव्या, रजत, श्रद्धा पांडे, उमेश देशमुख और मिर्जा इरफान असर ने भी अभियान में सहयोग किया।
इस पहल के माध्यम से बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ स्कूलों में बाल संरक्षण और सुरक्षित वातावरण के महत्व का संदेश दिया गया।
