चक धूम-धूम समर कैंप में बच्चों ने सीखी मूर्तिकला की बारीकियां, मिट्टी से गढ़ीं अनोखी कलाकृतियां
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 जून 2026,
गयाजी: शहर स्थित बिहार बाल भवन किलकारी के समर कैंप “चक धूम-धूम” के पांचवें दिन बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों के साथ मूर्तिकला (स्कल्पचर) की बारीकियां सीखीं। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक सुरेंद्र प्रजापत और विजयान्त के मार्गदर्शन में बच्चों को मिट्टी से विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां और मूर्तियां बनाने की तकनीकों की जानकारी दी गई।
मिट्टी से गढ़ीं सांप, मोर, बत्तख और खिलौनों की आकृतियां
प्रशिक्षण सत्र में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का परिचय देते हुए मिट्टी से सांप, गुड़िया, मोर, बत्तख, मोबाइल फोन, चूल्हा तथा विभिन्न प्रकार के खिलौने तैयार किए। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ गतिविधि में भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
बच्चों की रचनात्मकता देख अभिभावक हुए उत्साहित
बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों को देखकर अभिभावकों ने खुशी व्यक्त की। इस अवसर पर प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि मूर्तिकला बच्चों में एकाग्रता, धैर्य और सृजनात्मक सोच को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बच्चों की कलाकृतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
‘रसना रेस’ गेम में भी दिखा बच्चों का उत्साह
मूर्तिकला प्रशिक्षण के अलावा बच्चों ने विभिन्न खेल गतिविधियों का भी आनंद उठाया। खेल प्रशिक्षक अखिलेश्वर कुमार के निर्देशन में “रसना रेस” का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों का उत्साह और ऊर्जा देखने योग्य रही।
विभिन्न विधाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण बना आकर्षण
तीन सत्रों में संचालित इस समर कैंप में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे भाग ले रहे हैं। एक ही बच्चा कई विधाओं का प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिभा को निखार रहा है। समर कैंप में नृत्य, संगीत, पेंटिंग, नाटक, कराटे, कंप्यूटर, मूर्तिकला सहित कई विधाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रजिस्ट्रेशन जारी, बढ़ रही बच्चों की भागीदारी
किलकारी के इस समर कैंप को लेकर बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। लगातार नए बच्चे कैंप से जुड़ रहे हैं और वर्तमान में भी पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।
