अंधविश्वास की भेंट चढ़े बुजुर्ग: ओझा बताकर पीट-पीटकर की हत्या, दो गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 जून 2026,
गयाजी: जिला मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर दूर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बंधुआ महादलित टोला शांति नगर में अंधविश्वास की भयावह तस्वीर सामने आई है। ओझा-गुणी होने के संदेह में उग्र भीड़ ने 55 वर्षीय राजेंद्र मांझी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना मृतक के परिजनों के सामने हुई, लेकिन भीड़ के भय से कोई उन्हें बचाने आगे नहीं आ सका। इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घर में घुसकर की गई बेरहमी से पिटाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार की रात 15 से 20 लोगों का समूह लाठी, डंडे और धारदार हथियारों से लैस होकर राजेंद्र मांझी के घर पहुंचा। आरोपियों ने उन्हें घर से बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा। घटना के दौरान परिजन लगातार गुहार लगाते रहे, लेकिन हमलावरों का गुस्सा नहीं थमा। घर के आंगन और दरवाजे पर मिले खून के धब्बे घटना की भयावहता को बयां कर रहे हैं।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव को रेल पटरी पर फेंका
हत्या के बाद आरोपियों ने मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। बताया जाता है कि शव को गया-धनबाद रेलखंड पर बंधुआ स्टेशन के समीप रेल पटरी पर फेंक दिया गया। इस दौरान ट्रेन की चपेट में आने से शव क्षत-विक्षत हो गया। बाद में पुलिस ने रेलवे ट्रैक से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
बच्चे की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार घटना की पृष्ठभूमि करीब 8 से 10 दिन पुरानी है। गांव के निवासी टुनटुन मांझी के 13 वर्षीय पुत्र की ताड़ के पेड़ से गिरने के कारण मौत हो गई थी। इस हादसे को कुछ लोगों ने अंधविश्वास से जोड़ते हुए राजेंद्र मांझी पर ओझा-गुणी और तांत्रिक क्रिया करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह विवाद हिंसक रूप लेता गया और अंततः हत्या की घटना घटित हो गई।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोचा
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वजीरगंज, मुफस्सिल थाना पुलिस एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी तत्काल घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया।
मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 598/26 दिनांक 04 जून 2026 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र मांझी तथा एक महिला अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के पुत्र अनुज कुमार के बयान पर कुल 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गांव में किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अंधविश्वास पर फिर उठे सवाल
तकनीकी और डिजिटल युग में भी अंधविश्वास के नाम पर हत्या की यह घटना समाज के लिए चिंताजनक है। हाल के दिनों में गयाजी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में डायन और ओझा-गुणी के आरोप में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कानून के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान की भी आवश्यकता है।
