गया कॉलेज में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन नवाचारपूर्ण शिक्षण और AI पर हुई चर्चा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 नवंबर 2026,
गयाजी। गया कॉलेज, गयाजी में आयोजित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एक सप्ताह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के दूसरे दिन शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य विषय “Curriculum, Pedagogy, Design Thinking and Assessment” है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों पर विशेष व्याख्यान
कार्यक्रम के पहले सत्र में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB), गयाजी के MMTC निदेशक प्रो. तरुण कुमार त्यागी ने Innovative Pedagogy and Teaching-Learning Practices विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली, विद्यार्थी-केंद्रित और व्यावहारिक बनाने के लिए नई शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।
डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन संसाधनों की उपयोगिता पर चर्चा
दूसरे सत्र में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), दिल्ली के प्रो. गौरव कुमार सिंह ने Learning Management Systems (LMS), MOOCs and Digital Educational Resources विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन पाठ्यक्रम और शैक्षणिक संसाधन उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षण में AI के उपयोग पर विशेषज्ञ ने दी जानकारी
तीसरे सत्र में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. के. त्यागु ने Integrating of AI in Teaching and Learning विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता, संभावनाओं और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।
गुणवत्ता आश्वासन और NAAC मूल्यांकन पर भी हुआ मंथन
दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गयाजी के IQAC समन्वयक प्रो. बुद्धेंद्र कुमार सिंह ने गुणवत्ता आश्वासन, फीडबैक और निरंतर व्यावसायिक विकास पर व्याख्यान दिया। उन्होंने IQAC की भूमिका समझाते हुए NAAC मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन के लिए विभिन्न केस स्टडी भी प्रस्तुत कीं।
इस एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, डिजिटल संसाधनों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन प्रणाली से परिचित कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप शिक्षकों की शिक्षण क्षमता और अकादमिक दक्षता को विकसित करना है।
