सीयूएसबी में राष्ट्रीय युवा संसद ‘संवाद 2.0’ का आयोजन, 57 प्रतिभागियों ने सदन की कार्यवाही में लिया हिस्सा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 01 नवम्बर 2026,
गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस (एसएलजी) की ओर से राष्ट्रीय युवा संसद ‘संवाद 2.0’ का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण और एसएलजी के विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 57 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पश्चिम चंपारण के पांच बार के सांसद एवं प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
लोकतंत्र में असहमति का अधिकार महत्वपूर्ण : डॉ. संजय जायसवाल
मुख्य अतिथि डॉ. संजय जायसवाल ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि युवा संसद की कार्यवाही वास्तविक संसद की तरह होगी और प्रतिभागियों ने इस अपेक्षा को पूरा किया। भावी अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि असहमति का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। लोकतंत्र में केवल यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कोई व्यक्ति क्या कहता है, बल्कि उसके विषय का ज्ञान और तर्क भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि केवल कानून की किताबें रट लेने से कोई अच्छा अधिवक्ता नहीं बन सकता। अपने विषय की गहरी समझ और सही बात को निर्भीकता से रखने की क्षमता जरूरी है। राजनीति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जनसेवा का मार्ग समय और समर्पण मांगता है, लेकिन गरीबों एवं जरूरतमंदों की सहायता से जो संतुष्टि मिलती है, वह महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को सत्य बोलने और गलत बातों के खिलाफ आवाज उठाने की सलाह दी।
कुलपति ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की
कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए जनप्रतिनिधियों के दायित्वों और उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने डॉ. संजय जायसवाल की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल रास्ता जानते हैं और दूसरों को रास्ता दिखाते हैं, बल्कि स्वयं भी उस पर चलते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में समय देने के लिए मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर कुलपति ने प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताते हुए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कुछ न कुछ विशेष गुण होते हैं, जिन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन से निखारा जा सकता है।
विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार ने कुलपति, मुख्य अतिथि, अतिथियों, संकाय सदस्यों, आयोजन समिति के सदस्यों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक गौरवगाथा एवं सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए युवाओं को समाज और राष्ट्र का महत्वपूर्ण आधार बताया।
युवा संसद में बेरोजगारी से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक उठे मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान संसद की वास्तविक कार्यवाही की तर्ज पर सदन का संचालन किया गया। अध्यक्ष के आसन ग्रहण करने के बाद महासचिव अर्ची आर्या सहित सदस्यों ने शपथ ली और दिवंगत व्यक्तियों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
युवा संसद में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य, आतंकवाद के विरुद्ध संकल्प, डिजिटल जनगणना एवं जाति गणना तथा महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण जैसे विषयों पर विचार रखे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने बेरोजगारी और परीक्षा में पेपर लीक का मुद्दा उठाया। गृह मंत्री ने आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा पर वक्तव्य दिया, जिस पर विपक्ष की ओर से सवाल पूछे गए।
प्रश्नकाल के दौरान विदेश नीति, कानून, शिक्षा, कृषि, खेल और पर्यावरण जैसे विषयों पर सवाल उठाए गए। विधि मंत्री ने पॉक्सो मामलों के लिए 775 फास्ट ट्रैक न्यायालयों के लक्ष्य और बीएनएसएस की धारा 479 पर चर्चा की। वहीं, शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, छात्रवृत्तियों और पीएम विद्यालक्ष्मी योजना से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए।
उपाध्यक्ष के संचालन में पॉक्सो (संशोधन) विधेयक भी प्रस्तुत किया गया। विभिन्न विषयों पर चर्चा और सदन की कार्यवाही के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।
अतिथियों ने युवाओं के प्रयासों को सराहा
इस अवसर पर श्री अंजनी कुमार घोष ने कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने और युवाओं के बीच शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। डॉ. एस. पी. सिंह ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सुरक्षा चुनौतियों, ग्लोबल साउथ, खेल, न्यायपालिका, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और जी-20 जैसे विषयों पर पूछे गए सवालों को उत्कृष्ट बताया।
श्री मणि प्रताप ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद डॉ. एस. पी. सिंह ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, मुख्य अतिथि डॉ. संजय जायसवाल और विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
प्रतियोगिता के विजेता
- प्रथम स्थान: ज्योति प्रियदर्शिनी (विदेश मंत्री)
- द्वितीय स्थान: आकांक्षा (शिक्षा मंत्री)
- तृतीय स्थान: अनिरुद्ध सिन्हा (विपक्ष के सदस्य)
- चतुर्थ स्थान: प्रज्ञा (अध्यक्ष)
- पंचम स्थान: आर्यश्री (गृह मंत्री)
- षष्ठम स्थान: इरफ़ान महरूफ़ (विपक्ष)
राष्ट्रीय युवा संसद ‘संवाद 2.0’ के माध्यम से विद्यार्थियों को संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों, विधायी प्रक्रिया और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखने का अवसर मिला। इस आयोजन ने युवाओं में संवाद, तार्किक अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित किया।
