CUSB में पर्यावरणीय चुनौतियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, जनस्वास्थ्य और सतत विकास पर मंथन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 अक्टूबर 2026,
गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) में पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से ‘स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जनसमुदाय, सुदृढ़ भविष्य’ थीम पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन EECH-PIRS 2026 का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने पर्यावरणीय चुनौतियों तथा जनस्वास्थ्य पर उनके प्रभावों पर चर्चा की।
मुख्य अतिथि विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. शिव कुमार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक ज्ञान, पारंपरिक भारतीय बुद्धिमत्ता और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से चर्चा के साथ व्यावहारिक समाधान अपनाने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने ‘एक स्वास्थ्य’ दृष्टिकोण के तहत मानव स्वास्थ्य, पशुधन, मधुमक्खियों और पर्यावरण के आपसी संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने स्वदेशी फसल प्रजातियों, पर्यावरण शिक्षा, वैज्ञानिक नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय संबोधन में CUSB के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता की हानि जैसी समस्याओं से निपटने के लिए जीवनशैली में बदलाव तथा ‘मिशन लाइफ’ को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अथर्ववेद के पृथ्वी सूक्त ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ का उल्लेख करते हुए प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया।
सम्मेलन के संरक्षक प्रो. रिजवानुल हक ने स्वागत संबोधन दिया, जबकि संयोजक एवं पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार रंजन ने सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर भारत और विदेशों के शोध कार्यों पर आधारित शोध-सार पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
तीन दिवसीय सम्मेलन में वायु एवं जल प्रदूषण, जल संकट, अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय न्याय, खाद्य सुरक्षा, विकिरण, खनन के प्रभाव और पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने दी।
