CUSB में प्रथम इंट्रा क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता 2026 का आयोजन, आर्यन सिंह और रजत कुमार की जोड़ी बनी विजेता
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 14 अक्टूबर 2026
गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस (SLG) के अंतर्गत संचालित लीगल एड क्लीनिक की ओर से प्रथम इंट्रा क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता 2026 का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस की कुल 10 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने वादकारी और अधिवक्ता के बीच संवाद, विधिक परामर्श तथा व्यावहारिक कानूनी कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना रहा।
कुलपति के संरक्षण और संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण तथा स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता आयोजित की गई। लीगल एड क्लीनिक के समन्वयक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने अन्य संकाय सदस्यों डॉ. अनंत कुमार, डॉ. चंदना सुबा और डॉ. पल्लवी सिंह तथा विद्यार्थियों के सहयोग से कार्यक्रम का संचालन किया।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को वास्तविक विधिक परामर्श की परिस्थितियों के अनुरूप अपनी संवाद क्षमता, समस्या के विश्लेषण और कानूनी समाधान प्रस्तुत करने की दक्षता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
विधिक शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक सुधार पर जोर
स्वागत संबोधन में प्रो. अशोक कुमार ने विधिक शिक्षा में सामाजिक सुधारों और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए अकादमिक अध्ययन के साथ व्यावहारिक कानूनी दक्षता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, लीगल एड क्लीनिक के समन्वयक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के उद्देश्य, नियमों और आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया।
न्याय की निष्पक्षता और सामाजिक न्याय पर हुई चर्चा
प्रतियोगिता के प्रारंभिक एवं सेमीफाइनल दौर में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने न्याय की निष्पक्षता तथा सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके संबोधन ने भावी विधि विशेषज्ञों को न्याय व्यवस्था के मूल उद्देश्यों और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर दिया।
इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय के विधि विशेषज्ञ रहे मौजूद
फाइनल दौर के बाद आयोजित समापन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अपर महाधिवक्ता अजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पटना उच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता नेहा नारायण और विशेष लोक अभियोजक अनुपमा कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि अजीत सिंह ने अपने संबोधन में भावी अधिवक्ताओं के लिए नैतिकता, उत्तरदायित्व और समाज के प्रति संवेदनशीलता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि वकालत केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
विशिष्ट अतिथि नेहा नारायण ने अपने अदालती अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को विधिक क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर अध्ययन, बेहतर तैयारी और व्यावहारिक दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
आर्यन सिंह और रजत कुमार की जोड़ी ने हासिल किया प्रथम स्थान
प्रतियोगिता के परिणामों में काउंसल पेयर श्रेणी में आर्यन सिंह और रजत कुमार की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, बिपाशा जोश और आलोक कुमार की जोड़ी उपविजेता रही।
क्लाइंट की भूमिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मोनिका गुप्ता को ‘सर्वश्रेष्ठ क्लाइंट’ और अपर्णा रॉय को ‘रनर-अप क्लाइंट’ का सम्मान दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि अजीत सिंह और अन्य अतिथियों ने विजेताओं को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में शामिल सभी 10 टीमों के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
आयोजन को सफल बनाने में छात्र समिति की अहम भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन में संकाय सदस्यों के साथ छात्र समिति और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। छात्र समिति के मेंटर्स रिफत हयात, पुष्पित रंजन एवं तनिषा रॉय, कोषाध्यक्ष राम पुकार गुप्ता, सचिव एवं नुक्कड़ नाटक प्रमुख हिमांशु कात्यायन, छात्र समन्वयक अनुज किशोर एवं छवि ठाकुर तथा मीडिया प्रमुख आर्या सिंह सहित कई विद्यार्थियों ने आयोजन की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
इसके अलावा ड्राफ्टिंग प्रमुख विनेदिता पंकज, मैगजीन प्रमुख अहमद फारूकी, इवेंट मैनेजमेंट प्रमुख बाबुल सुप्रिमो, मुदित सिंह, आयुष वत्स, अनन्या, इरफान महरूफ, आदित्य चौबे, श्रिया शर्मा, फरहत, मो. बासित, सागर गुप्ता और अनुष्ठा ओझा सहित अन्य सदस्यों का भी सराहनीय योगदान रहा।
विधि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने की पहल
आयोजन सचिव डॉ. निहारिका सिंह ने समापन पर सभी अतिथियों, निर्णायकों, संकाय सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को विधिक परामर्श, प्रभावी संवाद, नैतिक आचरण और व्यावहारिक कानूनी कौशल विकसित करने का अवसर मिला। इस तरह की गतिविधियां भावी अधिवक्ताओं को पेशेवर जिम्मेदारियों और न्याय तक आम लोगों की पहुंच के महत्व को समझने में सहायक हैं।
