सीताकुंड में फल्गु आरती के दर्शन में बाधा, LED स्क्रीन पर लाइव प्रसारण कराने की उठी मांग
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 अक्टूबर 2026,
गयाजी: पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गयाजी के सीताकुंड में प्रतिदिन आयोजित होने वाली फल्गु आरती श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस भक्तिमय आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री, पिंडदानी और स्थानीय श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सीमित जगह के कारण कई लोगों को फल्गु आरती का प्रत्यक्ष दर्शन नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर अब यहां LED स्क्रीन लगाकर आरती का लाइव प्रसारण कराने की मांग उठने लगी है।
पितृपक्ष के दौरान जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आवागमन, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में फल्गु आरती के दौरान LED स्क्रीन की व्यवस्था भी श्रद्धालुओं के लिए एक अतिरिक्त सुविधा साबित हो सकती है।
मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर आरती देखने को मजबूर श्रद्धालु
फल्गु आरती के दौरान सीताकुंड में ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। लेकिन भीड़ के कारण कई लोगों को आरती का दृश्य स्पष्ट रूप से देखने का अवसर नहीं मिला। कुछ श्रद्धालु मोबाइल फोन को सिर से ऊपर उठाकर आरती का वीडियो बनाते नजर आए, जबकि भीड़ में पीछे खड़ी कई महिलाओं को दूसरों के मोबाइल की छोटी-सी स्क्रीन पर आरती देखकर ही संतोष करना पड़ा।
मध्य प्रदेश से आए पिंडदानी ने उठाई मांग
मध्य प्रदेश से पिंडदान करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि उनके यहां महाकाल की आरती के दौरान बड़ी-बड़ी स्क्रीन पर लाइव प्रसारण किया जाता है। इससे दूर खड़े भक्त भी स्क्रीन के माध्यम से आरती का दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सीताकुंड में भी इसी तरह की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि जगह की कमी के कारण कोई भी श्रद्धालु फल्गु आरती के दर्शन से वंचित न रहे।
श्रद्धालु ने जिला प्रशासन से मांग की कि आने वाले वर्षों में पितृपक्ष मेले के दौरान सीताकुंड में बड़ी LED स्क्रीन लगाकर फल्गु आरती का लाइव प्रसारण कराया जाए। इससे अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस धार्मिक आयोजन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
छोटी-सी व्यवस्था से मिल सकती है बड़ी सुविधा
पितृपक्ष के दौरान लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान और तर्पण करने गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में फल्गु आरती का दर्शन भी उनके लिए धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। यदि सीताकुंड के उपयुक्त स्थानों पर LED स्क्रीन लगाई जाएं, तो बुजुर्गों, महिलाओं और भीड़ के कारण पीछे रह जाने वाले श्रद्धालुओं को भी आरती देखने में सहूलियत मिल सकती है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन श्रद्धालुओं के इस सुझाव पर कितना ध्यान देता है और आगामी पितृपक्ष मेले में फल्गु आरती के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जाती है या नहीं।
