विश्व पर्यटन दिवस पर सीयूएसबी ने महाबोधि मंदिर में चलाया विरासत जागरूकता एवं स्वच्छता अभियान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 सितंबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के ऐतिहासिक अध्ययन एवं पुरातत्व विभाग की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बोधगया स्थित प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर परिसर में विरासत जागरूकता एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत हुआ। अभियान के दौरान सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
50 विद्यार्थियों ने लिया अभियान में हिस्सा
सीयूएसबी के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि अभियान में विश्वविद्यालय के करीब 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यटकों के बीच विरासत संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अपना समय और श्रम समर्पित किया।
इस पहल के माध्यम से युवाओं की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में भूमिका को रेखांकित किया गया। साथ ही, देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के प्रति नागरिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
विद्यार्थियों को बताया महाबोधि मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
कार्यक्रम के समन्वयक एवं ऐतिहासिक अध्ययन एवं पुरातत्व विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार ने अभियान की शैक्षणिक एवं विषयगत रूपरेखा का नेतृत्व किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्व पर्यटन दिवस की मूल भावना और इसकी विषय-वस्तु पर विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. कुमार ने महाबोधि मंदिर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसकी जड़ों को प्राचीन बौद्ध परंपराओं से जोड़ा। उन्होंने मंदिर के ऐतिहासिक विकास, विशिष्ट स्थापत्य कला तथा सदियों से चली आ रही इसकी समृद्ध विरासत के विभिन्न पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
स्वच्छता और विरासत संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) प्रो. पवन कुमार मिश्रा तथा विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देव नारायण सिंह ने भी विद्यार्थियों के साथ सहभागिता की। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा अभियान के उद्देश्यों और मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व धरोहर स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदाय में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विभागाध्यक्ष ने विद्यार्थियों को दी बधाई
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ऐतिहासिक अध्ययन एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार झा ने विद्यार्थियों एवं संकाय समन्वयकों को बधाई दी। उन्होंने ऐतिहासिक शिक्षा को जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने के विभाग के प्रयास की सराहना करते हुए इसे अनुभवात्मक अधिगम का प्रभावी उदाहरण बताया।
