पितृपक्ष मेला के पहले दिन डीएम-एसएसपी ने की समीक्षा बैठक, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर दिए निर्देश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 26 सितंबर 2026
गयाजी: पितृपक्ष मेला 2026 के पहले दिन जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने सभी पिंड वेदी स्थलों पर तैनात सुपर जोनल दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की। संवास सदन समिति के सभागार में हुई बैठक में पहले दिन की व्यवस्थाओं और सामने आई चुनौतियों की समीक्षा करते हुए तीर्थयात्रियों की सुविधा, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
चांद चौराहा और बंगाली आश्रम से विष्णुपद तक वाहनों की नो-एंट्री
बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया गया कि चांद चौराहा से विष्णुपद और बंगाली आश्रम से विष्णुपद की ओर किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं दिया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए इन मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया।
श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए दोनों मार्गों पर पर्याप्त संख्या में ई-रिक्शा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।
27 सितंबर को प्रेतशिला और रामशिला पर विशेष व्यवस्था
पितृपक्ष मेला के दूसरे दिन यानी 27 सितंबर को प्रेतशिला और रामशिला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए इन इलाकों में विशेष यातायात व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
प्रेतशिला क्षेत्र में दूरस्थ पार्किंग और निर्धारित स्थानों से श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में निःशुल्क ई-रिक्शा उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ अनावश्यक पैदल भीड़ को नियंत्रित करना है।
सीसीटीवी से पिंड वेदी स्थलों की निगरानी
डीएम ने सभी पिंड वेदी स्थलों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को लगातार सक्रिय और पूरी तरह फंक्शनल रखने का निर्देश दिया। कैमरों के माध्यम से भीड़, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही सभी पिंड वेदी स्थलों पर पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है, जिससे बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने में असमर्थ तीर्थयात्रियों को सुविधा मिल सके।
कंट्रोल रूम से लगातार दी जाएगी जरूरी जानकारी
संवास सदन स्थित कंट्रोल रूम को मेला व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हुए तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सूचनाओं का लगातार प्रसारण और अनाउंसमेंट कराने को कहा गया है। यातायात मार्ग, ई-रिक्शा की उपलब्धता, पिंड वेदी स्थलों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी श्रद्धालुओं तक समय-समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाली सूचनाओं और फीडबैक पर नजर रखते हुए किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों और टीम के साथ समन्वय कर तत्काल समाधान कराने को भी कहा गया।
सुपर जोनल पदाधिकारियों को लगातार भ्रमण का निर्देश
बैठक में सभी सुपर जोनल दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया। अधिकारियों को विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर नजर रखने का निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, पितृपक्ष मेला के दौरान विभिन्न विभागों और प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
