गयाजी में गूंजेगी पितरों के मोक्ष की कामना, गांधी मैदान से होगा पितृपक्ष मेला का उद्घाटन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 सितंबर 2026
गयाजी: मोक्षदायिनी फल्गु नदी के तट और भगवान विष्णु की नगरी गयाजी में शुक्रवार से पितरों के मोक्ष की कामना को लेकर कर्मकांड की गूंज सुनाई देने लगेगी। देश-विदेश से पिंडदानियों के गयाजी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
इस बार मेला का मुख्य उद्घाटन समारोह पहली बार विष्णुपद प्रांगण से बाहर गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समारोह का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, उपमुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
विष्णुपद में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा पारंपरिक शुभारंभ
मुख्य उद्घाटन समारोह गांधी मैदान में होने के बावजूद पितृपक्ष मेला के पारंपरिक शुभारंभ की रस्म विष्णुपद द्वार के समीप होगी। यहां नारियल फोड़कर और फीता काटकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मेला के शुभारंभ की परंपरा निभाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गयाजी पहुंचने के बाद विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करने और देवघाट सहित मेला क्षेत्र की तैयारियों का जायजा लेने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे गांधी मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। समारोह में स्मारिका विमोचन, गंगाजल वितरण और संबोधन भी प्रस्तावित है।
बारिश ने बढ़ाई तैयारी की चुनौती
गुरुवार को हुई लगातार बारिश के कारण विष्णुपद, देवघाट और गांधी मैदान में मेला की तैयारियों पर असर पड़ा। अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ नगर निगम, पीएचईडी, पुलिस और बिजली विभाग की टीमें सक्रिय रहीं।
गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए हेलीपैड तैयार किया गया है। बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सड़क मार्ग से आवागमन के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था रखी गई है।
सुरक्षा जांच के बाद देवघाट पर SDRF की तैनाती
मेला शुरू होने से पहले विष्णुपद, देवघाट, उद्घाटन स्थल और प्रमुख मार्गों की सुरक्षा जांच की गई। स्वान दस्ता और खुफिया एजेंसियों की टीमों ने भी विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
फल्गु नदी में गहरे पानी को देखते हुए देवघाट पर एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती की गई है। जवानों के लिए अलग-अलग स्थानों पर टेंट लगाए गए हैं, ताकि स्नान या कर्मकांड के दौरान किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा की तैयारी
पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है। मेला क्षेत्र में CCTV और अन्य निगरानी व्यवस्था के लिए भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
गयाजी में पितृपक्ष के दौरान पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ शुक्रवार से शहर की धार्मिक गतिविधियां भी अपने चरम पर पहुंचने लगेंगी। विष्णुपद और फल्गु तट से लेकर विभिन्न वेदियों तक कर्मकांड की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
