पितृपक्ष मेला की तैयारियों का आयुक्त ने लिया जायजा, विष्णुपद से सूर्यकुंड तक व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 15 सितंबर 2026
गयाजी: पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर मगध प्रमंडल की आयुक्त श्रीमती सफीना ए.एन. ने मंगलवार को गयाजी के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विष्णुपद मंदिर, संवास सदन, कंट्रोल रूम, देवघाट, गजाधर घाट, गयाजी डैम, सूर्यकुंड सहित अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर मेला की तैयारियों की स्थिति देखी और संबंधित पदाधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
पितृपक्ष मेला 25 सितंबर 2026 से शुरू होना है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में पिंडदानी और तीर्थयात्री गयाजी पहुंचते हैं। करीब 15 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
स्वच्छता, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कहा कि पितृपक्ष मेला का सफल एवं सुचारु आयोजन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन लगातार बैठक, समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के आवासन स्थलों की साफ-सफाई, विभिन्न पिंडदान वेदियों की स्वच्छता तथा वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी लगातार समीक्षा की जा रही है।
यातायात व्यवस्था के लिए तैयार हो रहा व्यापक प्लान
मेला अवधि में श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में वाहनों के आने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। वाहनों के पड़ाव स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए रिंग बस सेवा और ई-रिक्शा परिचालन की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन का प्रयास है कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था व्यवस्थित बनी रहे।
संवास सदन में दो पालियों में चलेगा कंट्रोल रूम
आयुक्त ने बताया कि विष्णुपद संवास सदन में दो पालियों में कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। यहां तीर्थयात्रियों को पितृपक्ष मेला से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
मेला के दौरान परिजनों से बिछड़ने अथवा सामान खोने की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए खोया-पाया सेल भी संचालित किया जाएगा। दिव्यांग तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम में व्हीलचेयर की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
देवघाट पर स्थायी पंडाल से मिलेगी बड़ी राहत
देवघाट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए वहां स्थायी पंडाल का निर्माण कराया जा चुका है। बड़े आकार के इस पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ बैठकर तर्पण एवं अन्य धार्मिक कर्मकांड कर सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और घाट पर भीड़ को व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलेगी।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष फोकस
पितृपक्ष मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष तैयारी कर रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में भीड़ को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आयुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और मेला क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
‘पेंट द सिटी’ में बच्चों की प्रतिभा ने खींचा ध्यान
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने घाटों पर ‘पेंट द सिटी’ प्रतियोगिता के तहत गयाजी के बच्चों द्वारा बनाई जा रही आकर्षक वॉल पेंटिंग का भी अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों की कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
वॉल पेंटिंग के माध्यम से पितृपक्ष की महत्ता, पिंडदान की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा तथा प्रभु श्रीराम सहित अन्य राजाओं द्वारा किए गए पिंडदान से जुड़े प्रसंगों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियों से मेला क्षेत्र को आकर्षक स्वरूप मिलने के साथ गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा सकेगा।
स्वच्छता और ब्रांडिंग पर नगर निगम का फोकस
आयुक्त ने कहा कि गयाजी नगर निगम की ओर से पितृपक्ष मेला को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ व्यापक स्तर पर ब्रांडिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी लंबित तैयारियां तेजी से पूरी की जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को गयाजी में बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक अनुभव मिल सके।
स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
आयुक्त ने कहा कि मेला की जो तैयारियां अभी शेष हैं, उन्हें तेजी से पूरा कराया जा रहा है। सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हुए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तैयारियों के साथ स्थानीय नागरिकों में भी पितृपक्ष मेला को लेकर उत्साह है।
उन्होंने गयाजी जिलेवासियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और स्थानीय लोगों के सामूहिक सहयोग से पितृपक्ष मेला 2026 को बेहतर, सुव्यवस्थित और भव्य तरीके से संपन्न कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त गयाजी नगर निगम, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
