ई-निबंधन को मिलेगी और गति, डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 26 अगस्त 2026
जहानाबाद: जिले की डीएम छिरिङ वाई भूटिया के निर्देशानुसार समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं के लिए ई-निबंधन प्रक्रिया पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य ई-निबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सरल और तेज बनाने के साथ इससे जुड़े सेवा प्रदाताओं को पूरी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी देना था।
पोर्टल की पूरी प्रक्रिया समझाई गई
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को e-Nibandhan Portal की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई गई। इसमें दस्तावेज का प्रकार, विक्रेता एवं क्रेता की जानकारी, जमीन का विवरण, भू-संपत्ति से संबंधित जानकारी तथा भुगतान के मद की प्रविष्टि की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया।
इसके अलावा चेक स्लिप निर्गत करने, दस्तावेज के संदर्भ की प्रविष्टि, प्रभावी मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क जमा करने सहित ई-निबंधन की विभिन्न प्रक्रियाओं से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
OTP और e-Sign की भी दी गई जानकारी
कार्यशाला में दस्तावेज के निष्पादन के लिए OTP एवं e-Sign की प्रक्रिया तथा नियुक्ति से संबंधित प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं की Service Provider के रूप में भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया।
शंकाओं का किया गया समाधान
प्रशिक्षण के दौरान डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं द्वारा ई-निबंधन प्रक्रिया से संबंधित उठाई गई विभिन्न शंकाओं का समाधान किया गया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों से नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से अपनाने और ई-निबंधन प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
पेपरलेस व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट
कार्यशाला के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि “पेपरलेस” का अर्थ यह नहीं है कि निबंधन के बाद आम लोगों को दस्तावेज की कागजी प्रति उपलब्ध नहीं होगी। ई-निबंधन के बाद दस्तावेज की प्रति पूर्ववत उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
सरकार द्वारा लागू ई-निबंधन व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विभागीय प्रक्रियाओं और सरकारी अभिलेखों को डिजिटल, सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
