स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत सीयूएसबी परिसर में चला स्वच्छता अभियान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 अगस्त 2026,
गयाजी: राष्ट्रव्यापी स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ की ओर से बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, डीएसडब्ल्यू प्रो. पवन कुमार मिश्रा, एनएसएस समन्वयक प्रो. उषा तिवारी तथा विश्वविद्यालय के कार्यपालक अभियंता श्री कल्याण साहा की सक्रिय उपस्थिति एवं सहयोग रहा।
एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारियों डॉ. अनिल कुमार, डॉ. रिंकी एवं डॉ. पारिजात प्रधान ने अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। वहीं एनएसएस प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. पीयूष कुमार सिंह, डॉ. राधेश्याम ढोले, डॉ. महेंद्र खत्रावत एवं डॉ. विजय मोहरे ने कार्यक्रम के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘आज का स्वच्छ परिसर, कल के स्वस्थ राष्ट्र की नींव’
जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि ‘आज का स्वच्छ परिसर, कल के स्वस्थ राष्ट्र की नींव है’ विषय पर आयोजित अभियान का उद्देश्य परिसर में स्वच्छता को बढ़ावा देना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना, सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना था।
अभियान के तहत विश्वविद्यालय के कैंटीन क्षेत्र एवं केंद्रीय पुस्तकालय के सामने विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इन दोनों स्थानों पर शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सफाई की और आसपास बिखरे कचरे एवं अपशिष्ट को एकत्र किया।
कचरे के उचित निपटान को लेकर किया जागरूक
स्वच्छता अभियान के दौरान प्रतिभागियों को कचरे के उचित निपटान और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। विश्वविद्यालय समुदाय के सदस्यों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
एनएसएस प्रकोष्ठ की यह पहल स्वच्छ भारत मिशन की मूल भावना को विश्वविद्यालय समुदाय के बीच मजबूत करने और स्वच्छ एवं स्वस्थ परिसर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।
