बिहार पृथ्वी दिवस पर गया में 900 पौधों का पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया गया 11 सूत्री संकल्प
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 9 अगस्त 2026
गयाजी: बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में गयाजी वन प्रमंडल के विभिन्न वन प्रक्षेत्रों द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यावरण संतुलन, वन एवं वन्यजीव संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।
स्कूलों में लिया गया पर्यावरण संरक्षण का 11 सूत्री संकल्प
इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी, वन क्षेत्र पदाधिकारी, वनपाल, वनरक्षी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में विभिन्न विद्यालयों में पर्यावरण एवं पृथ्वी के संरक्षण से संबंधित 11 सूत्री संकल्प लिया गया। कार्यक्रम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय वजीरगंज, फतेहपुर और शेरघाटी, राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय पड़रिया, उर्दू मध्य विद्यालय छकरबंधा, जवाहर नवोदय विद्यालय मखदुमपुर जहानाबाद, डोभी तथा अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 विद्यालय सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया।
विभिन्न विद्यालयों में लगाए गए 900 पौधे
पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसरों में सामूहिक रूप से करीब 900 पौधों का पौधारोपण किया गया। इसके साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करने, जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।
वन प्रमंडल पदाधिकारी ने नागरिकों की भागीदारी को बताया जरूरी
वन प्रमंडल पदाधिकारी, गयाजी वन प्रमंडल ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी केवल मानव के लिए नहीं, बल्कि सभी जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का साझा आवास है। बढ़ता प्रदूषण, वनों की कमी, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता में कमी पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
पौधारोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी जरूरी
उन्होंने कहा कि बिहार जैसे जैव-विविधता से समृद्ध राज्य में वन एवं हरित क्षेत्र पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ मृदा एवं जल संरक्षण, जलवायु नियमन और वन्यजीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनके जीवित रहने पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
‘हरित बिहार, स्वस्थ बिहार’ का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान ‘हरित बिहार, स्वस्थ बिहार’ के संकल्प के साथ आम लोगों से पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। लोगों से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित पृथ्वी सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की गई।
पौधा लगाएं, पौधा बचाएं और प्रकृति की रक्षा करें
कार्यक्रम के दौरान संदेश दिया गया— “पौधा लगाएं, पौधा बचाएं; वन और वन्यजीवों की रक्षा करें। प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
