तेजस्वी यादव के आरोपों पर ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ का पलटवार, कहा- अभियान को राजनीतिक रंग देना तथ्यहीन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 अगस्त 2026,
गयाजी। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ (LIB) ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा संगठन और इसके मुख्य संरक्षक विकास वैभव, आईपीएस के संबंध में लगाए गए आरोपों को निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। संगठन की ओर से शनिवार को गयाजी में प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोपों का खंडन किया गया।
प्रेस वार्ता में लेट्स इंस्पायर बिहार गयाजी अध्याय के मुख्य समन्वयक समीर खान, सामाजिक कार्यकर्ता प्रिंस कुमार, भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सौरभ राज, डॉ. पंकज यादव और युगल किशोर सिंह मौजूद रहे।
‘चार लाख से अधिक युवा अभियान से जुड़े’
वक्ताओं ने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार पूरी तरह गैर-राजनीतिक सामाजिक अभियान है। इसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को प्रेरित करना और शिक्षा, उद्यमिता तथा सामाजिक चेतना के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान देना है।
संगठन के मुताबिक, वर्तमान में चार लाख से अधिक युवा अभियान से जुड़े हैं और बिहार के विभिन्न जिलों में सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को बताया सामान्य प्रक्रिया
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि सामाजिक कार्यक्रमों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और समाजसेवियों की भागीदारी लोकतांत्रिक समाज में सामान्य बात है।
उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम में किसी जनप्रतिनिधि की उपस्थिति अथवा उनके साथ तस्वीर के आधार पर व्यक्तिगत संबंध, संरक्षण या आर्थिक सहयोग का आरोप लगाना उचित नहीं है।
‘स्वैच्छिक अंशदान से संचालित होते हैं कार्यक्रम’
प्रेस वार्ता में संगठन ने दावा किया कि लेट्स इंस्पायर बिहार का संचालन किसी राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधि या बाहरी प्रायोजक के आर्थिक सहयोग से नहीं होता। संगठन के अनुसार, इसके कार्यक्रम स्वयंसेवकों और सदस्यों के स्वैच्छिक अंशदान से संचालित किए जाते हैं। वक्ताओं ने कहा कि किसी विधायक या अन्य व्यक्ति द्वारा संगठन को वित्तीय सहयोग दिए जाने का दावा निराधार और अप्रमाणित है।
डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी हत्याकांड का भी उठाया मुद्दा
प्रेस वार्ता के दौरान हाल में औरंगाबाद जिले में नगर परिषद डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या की घटना का भी उल्लेख किया गया। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले की जांच बिहार पुलिस द्वारा की जा रही है और प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आए तथ्यों को पुलिस अधिकारियों ने सार्वजनिक किया है।
उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अनुसंधान पूरा होने के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में बिना ठोस साक्ष्य के किसी अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाना या किसी सामाजिक संगठन को मामले से जोड़ना उचित नहीं है। संगठन ने कहा कि लंबित जांच में सार्वजनिक स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप से जांच की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
विकास वैभव की भूमिका पर भी दी सफाई
वक्ताओं ने विकास वैभव के संबंध में कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनकी पेशेवर भूमिका को उनके सामाजिक कार्यों से जोड़कर उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास वैभव लेट्स इंस्पायर बिहार में कोई आधिकारिक या प्रशासनिक पद धारण नहीं करते। संगठन के अनुसार, वे अभियान के प्रेरणास्रोत और मुख्य संरक्षक के रूप में इससे जुड़े हैं तथा अवकाश के समय सामाजिक गतिविधियों में अपनी सहभागिता देते हैं।
तेजस्वी यादव से मांगा आरोपों का आधार
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन की ओर से तेजस्वी यादव से उनके आरोपों के आधार को लेकर कई सवाल पूछे गए। संगठन ने जानना चाहा कि विधायक द्वारा LIB को आर्थिक सहयोग दिए जाने के आरोप के समर्थन में उनके पास क्या दस्तावेज या प्रमाण हैं।
संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि की मौजूदगी या उनके साथ तस्वीर को आर्थिक सहयोग अथवा व्यक्तिगत संरक्षण का प्रमाण माना जा सकता है।
इसके अलावा संगठन ने पूछा कि यदि संबंधित प्राथमिकी में किसी विधायक का नाम नहीं है और पुलिस जांच अभी जारी है, तो ऐसे में सार्वजनिक रूप से इस प्रकार के आरोप लगाने का आधार क्या है।
‘सामाजिक अभियान को राजनीतिक विवाद से दूर रखा जाए’
अंत में लेट्स इंस्पायर बिहार ने एक बार फिर खुद को किसी राजनीतिक दल, विचारधारा या चुनावी गतिविधि से अलग बताते हुए कहा कि अभियान बिहार के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए काम करता है।
संगठन ने सभी राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से सामाजिक अभियानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखने तथा बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले आरोपों से बचने की अपील की।

