पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियां तेज, विष्णुपद मंदिर समेत 60 स्थानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट, 40 भवनों को नोटिस
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 अगस्त 2026,
गयाजी। पितृपक्ष मेला-2026 को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिला अग्निशमन विभाग ने व्यापक स्तर पर अग्नि सुरक्षा निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। गुरुवार को वरीय जिला समादेष्टा-सह-जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह की अध्यक्षता में विष्णुपद मंदिर सहित तीर्थयात्रियों के ठहरने वाले प्रमुख स्थलों का अग्नि सुरक्षा अंकेक्षण (फायर सेफ्टी ऑडिट) किया गया।
विष्णुपद मंदिर सहित 60 स्थानों का हुआ निरीक्षण
निरीक्षण दल में सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी नवीन कुमार सिंह, अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी, बोधगया विनोद राम, सहायक अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी, मानपुर रमेश कुमार तथा विद्युत अभियंता, गयाजी शामिल थे। टीम ने विष्णुपद मंदिर सहित कुल 60 स्थानों का निरीक्षण किया।
40 भवनों में मिली अग्नि सुरक्षा संबंधी खामियां
निरीक्षण के दौरान धर्मशालाओं, निजी आवासों, रेस्ट हाउस और होटलों का भी जायजा लिया गया, जहां पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरते हैं। जांच में 40 भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई।
एक माह के भीतर अनुपालन का निर्देश
जिला अग्निशमन विभाग ने संबंधित भवन संचालकों को एक माह के भीतर सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि पितृपक्ष मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।
घोषणा-पत्र देना अनिवार्य
विभाग द्वारा तीर्थयात्रियों के ठहरने वाले सभी धर्मशालाओं, निजी आवासों, रेस्ट हाउस एवं होटलों से घोषणा-पत्र (Declaration Form) भी प्राप्त किया जा रहा है। इसके माध्यम से संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके भवनों में अग्नि सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध उपलब्ध हैं।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो भवन संचालक निर्धारित समय में घोषणा-पत्र उपलब्ध नहीं कराएंगे अथवा अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 की धारा 34, 35, 37 एवं 44 तथा बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली, 2021 के नियम 22(झ) के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सभी संवेदनशील स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
